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एआईसीटीई ने बदले नियम, 12वीं में गणित, भौतिक और रसायन विज्ञान विषय की अनिवार्यता खत्म

New Delhi: इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए एक अच्छी खबर हैं. एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए लिया बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले में अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बारहवीं कक्षा में गणित, भौतिक और रसायन विज्ञान विषय की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है.

यह निर्णय एआईसीटीई ने उन स्टूडेंट्स के लिए लिया है जिनके पास बारहवीं कक्षा में भौतिकी और गणित विषय नहीं होते हैं. अब ये छात्र भी इंजीनियरिंग के अध्यन के लिए योग्य माने जायेंगे. 2021 से जिन विद्यार्थियों ने बारहवीं कक्षा में भौतिकी, गणित व रसायन विज्ञान की पढ़ाई नहीं की होगी, वे भी इंजीनियर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं. अभी तक बीई, बीटेक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए बारहवीं कक्षा में गणित और भौतिक विषय जरूरी होता था, लेकिन अब इसकी अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है.

पहले क्या थे नियम

अभी तक बीटेक और बीई करने के लिए छात्रों को मैथ्स और फिजिक्स लेना जरूरी था. पर अब ऐसा नहीं होगा. एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने लिए नए नियम बनाये हैं. इन नियमों के अनुसार स्टूडेंट्स को फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रोनिक, आईटी, इंफॉर्मेशन प्रैक्टिस, बिजनेस स्टडी इन सभी विषयों में से तीन विषयों को चुनना होगा. आरक्षित श्रेणी के छात्रों के लिए बारहवीं में 40 फीसदी और अनारक्षित श्रेणी के छात्रों के लिए 45 फीसदी अंको की जरूरत होगी.

स्टूडेंट्स जब चाहें तब कर सकेंगे इंटर्नशिप

अब इंजीनियरिंग कॉलेजों के स्टूडेंट्स जब चाहें इंटर्नशिप कर सकेंगे. स्टूडेंट्स को गर्मी की छुट्टियों के दौरान फुल टाइम इंटर्नशिप और अकादमिक सत्र के दौरान पार्ट-टाइम इंटर्नशिप करने की अनुमति होगी. स्टूडेंट्स को ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिकल अनुभव देने के उद्देश्य से नियमों में बदलाव किया गया है. नए नियमों के तहत स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप का मौका मिलने पर संस्थान अपने शेड्यूल में इच्छानुसार बदलाव कर सकेंगे. प्रोजेक्ट वर्क और सेमिनार के लिए भी संस्थान छात्रों को समय देंगे.

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