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टॉस जीतकर बैटिंग में उतरे आजसू के उमाकांत रजक पर भाजपा के अमर बाउरी की कमरतोड़ गूगली

Divy Khare

Bokaro: चंदनक्यारी विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी अमर बाउरी और आजसू के उमाकांत रजक अपने अंदर की आग लिए चुनावी मैदान में उतरे. आपस में चुनाव लड़ने की जो कल्पना दोनों नेता अपने समर्थकों के साथ कई वर्षों से करते आ रहे थे वह आज जीवंत हो गयी.

गठबंधन टूटने की घोषणा के साथ ही भाजपा ने अमर बाउरी को चंदनक्यारी विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित कर दिया. वैसे आजसू ने पहले ही गठबंधन को दरकिनार कर उमाकांत पर मोहर लगा दी थी.

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रजक और बावरी के बीच हो रही वर्चस्व की लड़ाई

भाजपा और आजसू के गठबंधन टूटने की एक वजह चंदनक्यारी सीट पर रजक और बावरी के बीच हो रही वर्चस्व की लड़ाई भी है. दोनों किसी भी हालत में गठबंधन के लिए अपनी सीट न्योछावर करने के लिए तैयार नहीं थे.

घोषणा के बाद दोनों प्रत्याशी एक दूसरे को हराने की स्ट्रेटजी बनाते हुए रांची से चंदनक्यारी की ओर कूच कर गये हैं. समर्थकों में काफी जोश, उत्साह और अपने प्रत्याशी को जिताने की ललक दिख रही है. इस बार का चुनाव प्रत्याशियों की आपसी प्रतिष्ठा का भी है, क्योंकि दोनों की पार्टियों ने सभी हदों को पार करके इनपर विश्वास दिखाया है.

जहां भाजपा प्रत्याशी बाउरी लोगों के बीच जाकर 5 साल में किये गये विकास के कार्यों का रिपोर्ट कार्ड दिखलायेंगे, वहीं आजसू प्रत्याशी उमाकांत रजक इन 5 सालों में जो नहीं हुआ उसको बता भाजपा की विकास की बातों को धत्ता बतायेंगे.

अब निर्णय तो जनता को करना है की किसपर विश्वास करें और किसपर नहीं. दोनों के दोनों प्रत्याशी धुरंधर हैं और मंझे हुए पॉलीटिशियन हैं.

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क्या कहना है अमर बाउरी का

टिकट की घोषणा के तुरंत बाद बाउरी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भाजपा ने मुझे चंदनक्यारी की जनता के सुपुर्द किया है. 2014 से चली आ रही विकास की गति को जनता को आगे बढ़ाना है.

चंदनक्यारी को समृद्ध, खुशहाल और एक ‘मॉडल चंदनक्यारी’ बनाना है. भाजपा ही एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है जो विकास की राजनीति करती है. आने वाले चुनाव में जनता को कमल पर मोहर लगाकर भाजपा को विजयी बनाना है.

आज चंदनक्यारी में सड़कों का जाल, घर-घर बिजली, कौशल विकास केंद्र, नहर का बनना, भैरवनाथ महोत्सव के जरिये चंदनक्यारी को राष्ट्रीय मानचित्र पर लाना, शिक्षा का विकास, सरकारी योजनाओं को गांव-गांव पहुंचाना आदि कितने ऐसे विकास के काम हैं जो सिर्फ भाजपा के कार्यकाल में हुए हैं.

बावरी ने गठबंधन टूटने की बात करते हुए यह भी कहा कि इस बार भाजपा अकेले ही 65 से अधिक सीटों पर विजय प्राप्त कर झारखंड की जनता को फिर से एक स्थाई सरकार देगी.

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क्या कहना है उमाकांत रजक का

उधर उमाकांत रजक ने कहा इस राजनीतिक टूर्नामेंट में भाजपा का आउट होना निश्चित है. उन्होंने कहा पिछले 5 सालों में भाजपा ने कोई भी ऐसा विकास कार्य नहीं किया था जिसे सराहा जा सके. भाजपा की हर बात, हर ऐलान, हर वादा खोखला निकला.

आप बता दें कि चंदनक्यारी में बड़े-बड़े ढोल बजे जैसे फूड पार्क आ रहा है, सीमेंट प्लांट बन रहा है, पावर प्लांट बन रहा है, रेलवे की फैक्ट्री लगेगी और जाने क्या-क्या. असलियत में सब मुंगेरीलाल के सपने बनकर रह गये. जनता सब जानती है. इस बार के चुनाव में जनता को आजसू पर ही भरोसा है.

हालांकि चुनाव में दोनों प्रतिनिधि जो भी कहे पर जनता यह जानती है कि इस बार का चुनाव काफी रोमांचकारी होने वाला है. दोनों प्रत्याशी एक दूसरे को कांटे की टक्कर देने वाले हैं.

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