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14 फरवरी के बाद JSSC शुरू करेगा सीजीएल व हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया

Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग 14 फरवरी के बाद अपनी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर सकता है. इस तारीख के बाद से ही कंबाइंड ग्रेजुएट लेबल की परीक्षा की तारीख घोषित की जा सकती है.

अब तक कयास लगाये जा रहे थे कि जेएसएससी की ओर से मार्च महीने में कंबाइंड ग्रेजुएट लेबल की परीक्षा ली जायेगी. इसके साथ ही शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की जायेगी. ऐसे में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को 15 दिनों का इंतजार और करना होगा.

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14 फरवरी क्यों है महत्वपूर्ण?

हाइकोर्ट में नियोजन निति के खिलाफ दायर याचिका की विस्तृत सुनवाई 14 फरवरी को होनी है. हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति मामले पर सोनी कुमारी की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट की ओर से 14 फरवरी की तारीख तय की गयी है.

इस दिन आये आदेश के बाद ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. अगर इस दिन नियोजन नियमावली में सुधार को लेकर हाइकोर्ट निर्णय देता है तो कंबाइंड ग्रेजुएट लेबल परीक्षा के लिए एक बार फिर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जायेगी. अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर जेएसएससी कंबाइंड ग्रेजुएट लेबल के तारीखों की घोषणा करेगा.

जेएसएससी की ओर से मिली जानकारी के अनुसार कंबाइंड ग्रेजुएट लेबल के लिए नये सिरे से निकाले गये आवेदन के बाद दो लाख से अधिक आवेदन आये हैं. वहीं हाईस्कूल नियुक्ति की प्रक्रिया की बात करें तो हाईस्कूल शिक्षकों के लिए 17,572 पदों पर नियुक्ति होनी थी. इसमें से करीब 12 हजार पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति हो गई है. शेष पद या तो रिक्त रह गये हैं या फिर कई विषयों में नियुक्ति नहीं हो पायी है.

सोनी कुमारी ने नियोजन नियमावली के खिलाफ दायर की है याचिका

सोनी कुमारी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में सरकार की उस नीति को चुनौती दी गई है जिसके तहत गैर अनुसूचित जिले के लोगों को अनुसूचित जिले की नौकरी के लिए आवेदन नहीं देने का प्रावधान किया गया है. वहीं, अनुसूचित जिलों के लोगों को गैर अनुसूचित जिले की नौकरियों के लिए आवेदन देने का प्रावधान रखा गया है.

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सरकार ने 24 जिलों में से 13 को अनुसूचित और 11 को गैर अनुसूचित जिले में शामिल किया है. अदालत को बताया कि शिक्षक नियुक्ति के लिए प्रार्थी सोनी कुमारी ने अनुसूचित जिले के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उनका आवेदन यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया गया कि वह गैर अनुसूचित जिले की रहने वाली हैं. अनुसूचित जिले की नौकरी के लिए वह आवेदन नहीं दे सकती हैं.

क्या है सरकार की नियोजन नियमावली

दरअसल नियोजन नीति के तहत राज्य सरकार की ओर से 14 जुलाई 2016 को एक अधिसूचना जारी की गयी. जिसमें राज्य के अधिसूचित 13 जिलों में होने वाली तृतीय और चतुर्थ वर्गीय नियुक्ति आगामी दस साल के लिए स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया.

उक्त जिलों के निवासियों के पिछड़ेपन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऐसा प्रावधान बनाया. हालांकि राज्य सरकार ने अब सभी जिलों के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों को स्थानीय निवासियों के लिए लॉक कर दिया है.

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