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ADJ उत्तम आनंद मौत मामलाः सुप्रीम कोर्ट की झारखंड सरकार पर तल्ख़ टिप्पणी, कहा- युवा जज की मौत दुर्भाग्यपूर्ण, यह राज्य की विफलता

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- न्यायपालिका की मदद नहीं कर रही सीबीआई और आईबी

  • सुप्रीम कोर्ट ने सात दिनों में केंद्र सरकार से मांगा जवाब
  • नौ अगस्त को होगी मामले पर अगली सुनवाई

Ranchi: धनबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश उत्तम आनंद की मौत मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार पर टिप्पणी की. सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख़ लहजे में कहा कि युवा जज की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है. यह राज्य सरकार की विफलता है. सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में दायर याचिका का हवाला देते हुए कहा कि देश भर में ऐसे उदाहरण हैं जहां असामाजिक तत्व अदालत परिसर में प्रवेश कर रहे हैं. आज हम एजी से इसपर राय चाहते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सात दिनों के भीतर इस मामले पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

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कोर्ट ने कहा मुझे खेद है कि सीबीआई ने कुछ नहीं किया. अब आपको ऐसे मामलों का ध्यान रखना होगा.साथ ही कहा कि यह इस देश में एक नया चलन है. यदि कोई शक्तिशाली हाई प्रोफाइल व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश पारित किया जाता है तो वह और उसका गिरोह न्यायपालिका को बदनाम करता है. वे सोशल मीडिया, फेसबुक, ट्विटर आदि पर न्यायाधीशों को धमकाते और गाली देते हैं. कई मामलों की शिकायतें सीबीआई को भेजी गयी हैं. भले ही न्यायाधीश शिकायत करते हैं कि लेकिन वे जवाब नहीं देते हैं.

सीबीआई, आईबी न्यायपालिका की बिल्कुल भी मदद नहीं कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सोमवार 9 अगस्त को सुनवाई के लिए रखा है. सुनवाई रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हम सीबीआई को सुनना चाहते हैं. सभी राज्य भी हलफनामा दाखिल करें कि जजों को सुरक्षा देने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर ले सकती है सीबीआई

सीबीआई ने अपर जिला सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद मामले की जांच शुरू कर दी है. इस हत्याकांड में गिरफ्तार ऑटो चालक लखन वर्मा और उसके सहयोगी राहुल वर्मा को जल्द ही रिमांड पर ले सकती है सीबीआई. सीबीआई आरोपियों की ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट भी करा सकती है.

गुरुवार को सीबीआई की टीम ने सर्किट हाउस में एसआईटी के अधिकारियों के साथ बैठक की. सीबीआई टीम के कुछ सदस्यों ने धनबाद थाना में केस से संबंधित कागजात एवं सबूतों की घंटों जांच की. सीबीआई की टीम ने कागजातों की कॉपी करायी.  इसके लिए धनबाद थाना में ही एक जेरोक्स मशीन मंगाई गई थी जिससे करीब तकरीबन 1000 पेज की केस डायरी की कॉपी निकाली गयी.

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