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कार्रवाई : Environmental Clearance नहीं लेने वाले राजधानी के 22 बिल्डरों को RMC का नोटिस

20,000 वर्ग मीटर से अधिक एरिया में कंस्ट्रक्शन कर रहे कंपनी को Environmental Clearance लेना है अनिवार्य

Ranchi  :  राजधानी रांची में पिछले कई सालों से अवैध कंस्ट्रक्शन का काम धड़ल्ले से चल रहा है. ऐसा लगता है कि कंस्ट्रक्शन कंपनी (बिल्डरों) से जुड़े लोगों को कानून का कोई डर नहीं है. अब ऐसे लोगों पर रांची नगर निगम कार्रवाई करने के मूड में है. निगम की नक्शा शाखा ने राजधानी के 22 कंस्ट्रक्शन कंपनी को एक नोटिस भेजा है.

नोटिस निर्माण कार्य के लिए Environmental Clearance नहीं लेने के कारण भेजा गया है. निगम के मुताबिक यह कदम नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिये आदेश के विपरित है. नक्शा शाखा की मानें तो Environmental Clearance उन बिल्डरों को लेना अनिवार्य होता है, जो 20,000 वर्ग मीटर से अधिक कंस्ट्रक्शन का काम करते है.

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Environmental Clearance लेने का एनजीटी और विभाग से मिला है निर्देश

 

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने अपने आदेश में कहा है कि पर्यावरणीय मंजूरी नहीं लेने वाले सभी निर्माण काम को तत्काल रोक दिया जाएगा. नगर विकास विभाग के भी बीते 31 अगस्त 2020 को दिये एक निर्देश में इस बात का जिक्र है. राजधानी के ऐसे 22 कंस्ट्रक्शन कंपनी को नोटिस भेज नक्शा शाखा का कहना है कि इनके द्वारा Environmental Clearance नहीं लिया गया है. ऐसे में संबंधित पक्ष अपने निर्माणाधीन कामों को वे तत्काल बंद कर निगम में Environmental Clearance जमा करें.

ऐसा नहीं करने पर इनके विरुद्ध झारखंड म्युनिसिपल एक्ट-2011 के तहत कार्रवाई की जाएगी. शाखा ने इसे आवश्यक समझने की भी बात की है.

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अवैध निर्माण कार्य को बढ़ावा देते है निगम के इंजीनियर

 

हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि निगम शहर में अवैध रूप से बन रहे भवनों का निर्माण कार्य को लेकर रेस में है. इससे पहले बीते जनवरी माह में शहर में बन रहे 50 अवैध भवनों को नोटिस जारी किया था. हालांकि फिर भी पूरे रांची शहर में धड़ल्ले से अवैध निर्माण का काम जारी है.

मीडिया में भी यह बात आयी थी कि अवैध निर्माण की जद में अपर बाजार से लेकर, मोरहाबादी, बरियातू, बड़गाईं, तिरिल कोकर, सामलौंग, चुटिया से लेकर हिनू का इलाका है. अवैध रूप से बन रहे इन भवनों के निर्माण को रोकने की जिम्मेदारी निगम के इंजीनियर पर है. लेकिन जानकारी रहने के बाद भी वे आंखें बंद रखते हुए केवल वसूली करने में लगे रहते हैं.

 

इन बिल्डरों को भेजा गया है नोटिस-

 

बिना Environmental Clearance लिए राजधानी में निर्माण कार्य कर रहे जिन 22 कंस्ट्रक्शन कंपनी को निगम ने भेजा है नोटिस, उसमें प्रमुखता से शामिल हैं-

  • इस्टेट बिल्डिकॉन प्राइवेट लिमिटेड.
  • सिटी सेलेक्ट डेवलेपर्स.
  • वसुंधरा होम्स प्राइवेट लिमिटेड.
  • सरावगी बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स लिमिटेड.
  • शाकंभरी बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड.
  • मोरिस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड.
  • आदर्श हाइट प्राइवेट लिमिटेड.
  • मेसर्स एसोटेक न्यू सिटी एलएलपी एंड एसोटेक सन ग्रोथ एडोब एलएलपी.
  • एसोटेक सन ग्रोथ एडोब एलएलपी.
  • शिव नारायण जायसवाल.
  • अरविंद राम साहू, श्याम किशोर राम, आशा देवी व अन्य.
  • अमृत महतो, बसंत कुमार साहू, गोपाल साहू व अन्य.
  • उदित राम और सदु महतो.
  • लक्ष्मी देवी, मीना देवी, अजय कुमार, शीला देवी व अन्य.
  • नंदलाल महतो, लाल महतो, पार्थ महतो व अन्य.
  • शोभा मंडल, दिनेश मंडल व अन्य.
  • अनीता श्रीवास्तव, रतन लाल कश्यप व अन्य.
  • महावीर कांशी, उर्मिला देवी व अन्य.
  • रिजवान अहमद, महादेव उरांव व अन्य

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