Main SliderOpinion

NewsWingStand: सरकारी प्रयासों को विफल करनेवाले IAS को चिन्हित कर कार्रवाई की है जरुरत

Surjit Singh

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का पत्र सार्वजनिक होने के बाद अब यह साफ हो गया है कि झारखंड के कुछ सीनियर आइएएस काम नहीं कर रहे हैं. इस कोरोना संकट के वक्त भी वह फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं.

प्रवासी मजदूरों की तकलीफों को सुनकर उन्हें राहत पहुंचाने के काम में जुटे हुए नहीं हैं. और इससे राज्य सरकार की छवि खराब हो रही है. यही कारण है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस पर नाराजगी जतायी है.

मीडिया में पहले भी खबर आयी थी कि झारखंड सरकार के कुछ नोडल अधिकारी फोन रिसीव नहीं करते. कुछ अफसरों ने अपने फोन को कोविड-19 के लिए बने हेल्पलाईन नंबर पर डायवर्ट कर दिया है. कोरोना काल में कुछ आइएएस अफसरों का यह नाकारात्मक रवैया उन्हें कटघरे में खड़ा कर रहा है. यह बताता है कि वह महत्वपूर्ण पदों पर काम करने के लायक नहीं हैं.

दूसरे राज्यों की सरकारों से संपर्क स्थापित कर मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने सीनियर अफसरों को अलग-अलग राज्यों का नोडल अधिकारी बनाया था.

ऐसा नहीं है कि सभी आइएएस एक जैसे हैं. जिलों में पदस्थापित डीसी दिन-रात काम कर रहे हैं. सचिवालय में पदस्थापित कुछ अधिकारी भी दिन-रात लगे हुए हैं.  बेहतर काम हो, इसके लिए पूरी क्षमता का इस्तेमाल कर रहे हैं. पर, कुछ आइएएस के कारण पूरा राज्य कैडर बदनाम हो रहा है.

ऐसे अफसरों को यह समझना होगा कि सरकार हर माह उन पर कितना खर्च करती है. शायद ही किसी माह उनका वेतन या भत्ता देने में किसी राज्य की सरकार विलंब करती होगी. वेतन के अलावा रहने के लिए आवास, गाड़ी, ड्राइवर, अंगरक्षक, बुखार लगने पर भी दवा का खर्च, सबकुछ सरकार वहन करती है. जो मोबाइल नंबर उन्हें दिया गया है, उसका बिल भी सरकार ही देती है.

कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में कोई दूसरा काम हो नहीं रहा है. फिर फोन रिसिव नहीं करने वाले आइएएस अफसर क्यों काम नहीं कर रहे हैं. यह समझ से परे है.

सरकार को ऐसे अफसरों पर कार्रवाई शुरु करनी चाहिये. खुद आइएएस बिरादरी को भी चाहिए कि इस संकट काल में काम से भागने वाले अपने साथियों को चिन्हित कर उन्हें उनके इस कृत्य के लिए सजा दें.

इसे भी पढ़ें –झारखंड बनने के बाद नियुक्त डीएसपी को आइपीएस कैडर में प्रोन्नत करने की तैयारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button