
- वर्तमान में 7610 समान्य बेड और 499 आइसीयू बेड हैं
Ranchi: आइसीएमआर से जारी निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में एक्टिव मरीजों की तुलना में तीन गुना बेड का होना जरूरी है. झारखंड में जिस हिसाब से संक्रमितों की संख्या दोगुनी हो रही है, उसके हिसाब से जुलाई के अंत तक लगभग 4000 एक्टिव केस हो जायेंगे. इस हिसाब से राज्य में 13 हजार बेड की जरूरत पड़ेगी.
स्वास्थ्य विभाग के हिसाब से झारखंड में वर्तमान में 7610 समान्य बेड और 499 आइसीयू बेड हैं. इस हिसाब से राज्य को और 5 हजार बेड का इंतजाम करने की जरूरत पड़ेगी. आइसीएमआर के मानकों के अनुसार राज्य के कई जिलों में बेड की भारी कमी हो गयी है.
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कई जिलों में तेजी से बढ़ रहे मरीज
राज्य के कई जिलों में बेड की संख्या से अधिक मरीज हो गये हैं. झारखंड के रांची, रामगढ़ और जमशेदपुर में बेड से अधिक संक्रमित हो गये हैं और इन्हीं जिलों में तेजी से मरीज भी मिल रहे हैं.
रांची, कोडरमा, जमशेदपुर, हजारीबाग और रामगढ़ में मरीजों की संख्या कई जिलों की तुलना में अधिक है. भविष्य को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इन जिलों में मरीजों के लिए अधिक संख्या में बेड के इंतजाम पर ध्यान देना होगा.
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निजी अस्पताल नहीं कर रहे इलाज
राज्य सरकार के सख्त निर्देश के बावजूद निजी अस्पताल कोरोना मरीजों का इलाज नहीं कर रहे हैं. राजधानी रांची की ही बात करें तो राज्य के दो-तीन अस्पतालों में ही वहां के मरीज कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद उनका इलाज किया जा रहा है. बाकी सभी अस्पताल कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रिम्स रेफर कर दे रहे हैं.
जो अस्पताल अपने मरीजों का इलाज करते भी हैं, वे मामला सीरियस होने के बाद मरीजों को रिम्स रेफर कर देते हैं, जबकि रिम्स से अच्छी व्यवस्था उनके पास ही उपलब्ध है.
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