New Delhi: पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच पांच राफेल लड़ाकू विमानों गुरुवार को औपचारिक तौर पर भारतीय वायुसेना में शामिल हो गये. अंबाला एयरबेस में राफेल के इंडियन एयरफोर्स में शामिल होने को लेकर कार्यक्रम हुआ. जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली, सीडीएस जनरल बिपिन रावत, वायुसेना प्रमुख आर के एस भदौरिया और रक्षा सचिव अजय कुमार शामिल हुए.
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Ambala: Defence Minister Rajnath Singh and Minister of the Armed Forces of France Florence Parly witness air display of Rafale fighter aircraft flanked by SU-30 and Jaguar aircraft in arrow formation pic.twitter.com/l6lAbTNsNJ
— ANI (@ANI) September 10, 2020
इंडियन एयरफोर्स का हिस्सा बना राफेल
राफेल की पहली खेप में भारत पहुंचे पांच लड़ाकू विमानों को 17 स्क्वाड्रन में शामिल किया गया. समारोह के दौरान राफेल को वाटर केनन से सलामी दी गयी. समारोह में राफेल को लेकर सर्वधर्म पूजा की गयी, जिसमें राजनाथ सिंह और उनकी फ्रांसिसी समकक्ष शामिल हुईं.
#WATCH: Water cannon salute given to the five Rafale fighter aircraft at Ambala airbase. #Haryana pic.twitter.com/SB9jhyp1Ox
— ANI (@ANI) September 10, 2020
वायुसेना की प्रक्रिया के तहत सभी धर्मों के गुरुओं ने इस दौरान पूजा की और विधिवत तरीके से राफेल को शामिल किया गया. इस दौरान धर्मगुरुओं ने शांति की दुआ मांगी, साथ ही देश के जवानों की सलामती के लिए प्रार्थना की.
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फ्लाईपोस्ट में राफेल
समारोह के दौरान अंबाला एयरबेस पर भारतीय वायुसेना की आन-बान और शान दिखी. फ्लाईपोस्ट में सबसे पहले सुखोई विमानों ने उड़ान भरी. सुखोई के साथ-साथ तेजस और जगुआर विमान ने भी उड़ान भरी.
#WATCH Indigenous light combat aircraft Tejas performs during Rafale induction ceremony, at Ambala airbase pic.twitter.com/5SSQQHzDnT
— ANI (@ANI) September 10, 2020
राफेल के पांचों विमानों का करतब भी आसमान में नजर आयेगा.
भारत-फ्रांस के रिश्ते प्रगाढ़- राजनाथ
समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राफेल का भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होना भारत और फ्रांस के बीच के प्रगाढ़ संबंधो को दर्शाता है. भारत और फ्रांस दोनों देश लंबे समय से आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक साझेदार रहे हैं. मजबूत लोकतंत्र के प्रति हमारी आस्था और सम्पूर्ण विश्व में शांति की कामना, हमारे मजबूत संबंधो के आधार हैं.
क्यों खास है राफेल
बता दें कि 29 जुलाई को पहली खेप के तहत पांच राफेल विमान भारत लाए गए थे. भारत ने लगभग चार साल पहले फ्रांस से 59,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल विमान खरीदने का सौदा किया था. फाइटर जेट की दुनिया में राफेल 4.5 जेनरेशन का है. इसकी खूबियां इसे दुनिया के बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक बनाती है. यह मल्टीरोल विमान है, जो एक ही उड़ान में कई तरह की भूमिका निभा सकते हैं. अपनी एवियॉनिक्स, राडार और हथियार प्रणालियों के साथ राफेल किसी भी चुनौतियों से निबटने में कारगर है. इस लड़ाकू विमान का कॉन्बैट रेडियस 3700 किमी है, साथ ही ये दो इंजन वाला विमान है. राफेल में तीन तरह की मिसाइल लगायी जा सकती है. हवा से हवा में मार करनेवाली मीटियोर मिसाइल, हवा से जमीन में मार करनेवाला स्कैल्प मिसाइल और हैमर मिसाइल.
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