
Ranchi : केंद्र सरकार ने सूखे से निपटने के लिए झारखंड को 272 करोड़ रुपये की सहायता राशि की मंजूरी दी है. इस मसले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 28 फरवरी को उच्चस्तरीय बैठक हुई थी. इसमें राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (एनडीआरएफ) से चार राज्यों झारखंड सहित आंध्र प्रदेश, मणिपुर और राजस्थान को 1604.15 करोड़ रुपये की केंद्रीय मदद को मंजूरी दी गयी. इसमें आंध्र प्रदेश को चक्रवाती तूफान पेथई से हुए नुकसान के लिए 82.65 करोड़ रुपये, मणिपुर को बाढ़ और भू-स्खलन की क्षति से उबरने के लिए 42.46 करोड़ रुपये तथा झारखंड को सूखे से निपटने के लिए 272.46 करोड़ रुपये और इतनी ही राशि राजस्थान को भी सूखे से निपटने के लिए देने की मंजूर दी गयी. केंद्र की ओर से चारों राज्यों को यह राशि 2018-19 में बाढ़, सूखे और चक्रवाती तूफान से हुए नुकसान से निपटने के लिए अतिरिक्त मदद के रूप में दी गयी है.
राज्य सरकार ने केंद्र से मांगे थे 818 करोड़
झारखंड सरकार ने सुखाड़ से निपटने के लिए केंद्र से 818 करोड़ रुपये की मांग की थी. 2018 में राज्य के 18 जिलों के 129 प्रखंडों में सुखाड़ की स्थिति बनी थी. गृह व आपदा विभाग ने मैनुअल 2016 के प्रावधानों के अनुसार इन प्रखंडों को सुखाड़ग्रस्त घोषित करने का आदेश जारी किया गया था.
सुखाड़ का जायजा लेने केंद्रीय टीम आयी थी
सुखाड़ का जायजा लेने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर के संयुक्त सचिव अतीश चंद्रा के नेतृत्व में टीम आयी थी. टीम ने सात से नौ दिसंबर 2018 तक राज्य के विभिन्न सूखाग्रस्त इलाकों का मुआयना भी किया था.
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