
Dhanbad: इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएन सिंह ने कहा कि प्राइवेट हाइवा से हो रही कोयला ढुलाई बंद हो जाये तो कोयला चोरी बंद हो जायेगी. उन्होंने न्यूज विंग से बातचीत में कहा कि उस समय बीसीसीएल के सीएमडी एके सहाय थे. तब कोयला ढुलाई डंपर से होती थी. उनसे मांग की गयी थी कि प्राइवेट डंपर से कोयला ढुलाई बंद कर दी जाये तो बीसीसीएल से कोयला चोरी बंद हो जायेगी. तब उन्होंने प्राइवेट डंपर को बंद किया. कोयला चोरी रुक गयी. बाद में प्राइवेट हाइवा को कोयला ढुलाई में लगा दिया गया. इस कारण ही बीसीसीएल सहित अन्य कंपनियों के कोयले की भारी पैमाने पर चोरी हो रही है.
20 फीसदी कोयले की होती है चोरी
बता दें कि शुक्रवार को कोयला तस्करी पर नियंत्रण को लेकर राजधानी रांची में उच्चस्तरीय बैठक हुई. खबर है कि कोयला तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने प्रवर्त्तन निदेशालय को जिम्मेवारी सौंपी है. बैठक में यह बात सामने आयी कि कोयला लदा 80% हाइवा ही गंतव्य तक जाता है. बाकी कोयले की चोरी हो जाती है. कोयले का अवैध खनन होता है, वह अलग है.
उच्चस्तरीय बैठक सिर्फ आइवॉश
जानकार कहते हैं कि कोयला चोरी के मामले में इस तरह की उच्चस्तरीय बैठक सिर्फ आइवॉश है. सबको मालूम है कि कोयला चोर कौन है. चाहे जीटी रोड हो, बरवाअड्डा का कोयला भट्ठा और हार्ड कोक भट्ठा हो, झरिया और कतरास का इलाका हो, सबको मालूम है कि कोयला चोरी का पैसा किस स्कूल, शिक्षण संस्थान और आपणो घर जैसे रियल इस्टेट कारोबार में लगा है. वैसे रांची में कोयला चोरी रोकने के लिए हुई उच्चस्तरीय मीटिंग में जांच के लिए एनआईए जैसी एजेंसी को लगाने की हुई बात आशा बंधाती है कि कुछ ठोस कार्रवाई होगी. मामले में ऐसी कार्रवाई की जरूरत है जिससे जाल में अवैध कोयला कारोबार को संरक्षण देकर चैनेलाज्ड करनेवाले वर्तमान और पूर्व के बड़े पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आ जायें.
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