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खादी सरस मेला में उमड़ रही खरीदारों की भीड़, ग्रामोत्पादों के साथ अन्य राज्यों के स्टॉल कर रहे आकर्षित

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Ranchi : रांची के मोरहाबादी में खादी सरस मेला सज चुका है. यहां खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है. इस 17 दिवसीय मेले में कपड़ा, हैंडलूम, फुटवियर, ज्वेलरी, फर्नीचर समेत तमाम चीजें मिल रही हैं. मेले में देश भर के स्टॉल लगाये गये हैं. खादी और ग्राम उत्पादों के लिए यहां अलग से स्टॉल लगे हैं, जहां खादी के जैकेट, कोट, सूट पीस, साड़ी आदि मिल रहे हैं. फैशन में हुए बदलाव के कारण इस बार खादी के प्लाजो, पैंट्स, कुर्ती आदि भी मिल रहे हैं, जिन्हें लोग पसंद कर रहे हैं. ग्रामोद्योग उत्पादों में नीम तेल, शहद, अलग-अलग तरह के साबुन, सौंदर्य प्रसाधनों आदि की भी लोग खरीदारी कर रहे हैं. मेला परिसर में खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था है. 14 हैंगर में कुल 1100 स्टॉल लगाये गये हैं.

खादी सरस मेला में उमड़ रही खरीदारों की भीड़, ग्रामोत्पादों के साथ अन्य राज्यों के स्टॉल कर रहे आकर्षित

गुजराती सामान की हो रही मांग

मेला में गुजराती सामान को लोग पसंद करे रहे हैं. यहां कई स्टॉल गुजरात के लगे हैं, जहां साड़ी, सूट पीस, कुर्ती, हैंडमेड बेडशीट, पिलो कवर आदि मिल रहे हैं. अधिकतर स्टॉल में हैंडमेड आइटम मिल रहे हैं, जिन पर जरी, गोटा, धागों के काम खूबसूरती से किये गये हैं. दुकानदारों ने जानकारी दी कि एक-एक हैंडमेड सूट को बनाने में दो-दो सप्ताह का समय लगता है. इनमें बारीक काम किया जाता है, जो मशीनरी वर्क जैसा ही दिखता है.

गोटा और जरी वाले बैग

मेला में गोटा, जरी, मोती से सजे बैग मिल रहे हैं. राजस्थान के स्टॉल में ये सामान मिल रहे हैं. बैग के साथ यहां राजस्थानी प्रिंट की साड़ी, कुर्ती और कोटी भी उपलब्ध हैं. स्टॉल धारकों ने बताया कि मेला के पहले दिन ही गोटा और जरी वाले बैग लोग पसंद कर रहे हैं. इनकी कीमत 150 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक है.

ई-रिक्शा की निःशुल्क सेवा भी है उपलब्ध

मेला परिसर में घूमने में किसी को परेशानी न हो, इसके लिए बोर्ड की ओर से छह ई-रिक्शा की व्यवस्था की गयी है. इससे लोग पूरा मेला घूम सकते हैं. ई-रिक्शा सेवा निःशुल्क है.

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