
Palamu: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने पिछले दिनों एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होकर केंद्र सरकार की योजना का आनन-फानन में शिलान्यास कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास किया है. झारखंड नवनिर्माण मोर्चा के मीडिया प्रभारी राहुल दुबे, गढ़वा के कांडी प्रखण्ड प्रभारी अंजनी कुमार, मोर्चा कार्यकर्ता और किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पलामू-गढ़वा के बीच मोहम्मदगंज भीम बराज पुल से निकली मुख्य नहर का स्वास्थ्य मंत्री द्वारा शिलापट्ट लगाए बगैर शिलान्यास कर दिया गया, जबकि फरवरी-मार्च-2019 में प्रधानमंत्री द्वारा इस नहर का शिलान्यास करने की योजना थी.
यह क्षेत्र झारखंड नवनिर्माण मोर्चा के प्रभावशाली क्षेत्रों में से एक रहा है. मोर्चा कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस इलाके में मोर्चा के अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह द्वारा निजी खर्च से जनसरोकार की समस्याएं दूर की जाती हैं. केंद्र सरकार द्वारा लगभग 23 करोड़ की लागत से बानी नहर की मरम्मत कराने की योजना है. उसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फरवरी-मार्च में करना था. साल 2013 में मोर्चा अध्यक्ष द्वारा निजी खर्च से इस नहर की मरम्मत करायी गयी थी.
चन्द्रवंशी 14 साल से हैं, लेकिन आज तक नहीं करायी नहर की मरम्मत
मोर्चा नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्रामपुर विधानसभा से लगतार चुनाव जीतने आ रहे रामचंद्र चंद्रवंशी पहली बार राजद से 1995 में चुनाव जीते और बिहार सरकार में मंत्री भी रहे, पर भीम बराज पुल से निकली नहर नहीं बनवा पाये. फिर 2004 में भी राजद से चुनाव जीते. पर उनका ध्यान क्षेत्र के विकास पर नहीं गया. जबकि 2006 से ही अपना कॉलेज जैसे महान साम्राज्य स्थापित कर लिये. पुनः 2014 के चुनाव जीतने के बाद मंत्री बने पर चार सालों में कभी भी कांडी प्रखण्ड में विकास कार्यो पर ध्यान नहीं दिये. वे हमेशा कहते रहे कि ‘कांडी-मझिआंव और बरडीहा की जनता ने हमें वोट ही नहीं दिया है तो मैं विकास क्यों करूं.’ जबकि चुनाव नजदीक आते है नहर के नाम पर राजनीतिक रोटी सेंकने में लग गये हैं. लेकिन, यह सर्वविदित है कि यह कार्य अभिमन्यु सिंह ने कराया है.
नहर को निजी खर्च से बनवाने के बाद से अब तक हर साल किसानों को 2000 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होती हैं. अभिमन्यु सिंह ने इन 5 सालों में कई बार नहर टूटने पर निजी खर्च से मरमत भी करवाया है. पानी नहीं पहुचने पर बिहार का पानी बन्द कर पहले अपने किसानों भाइयों के खेत को सिंचित करने का काम भी कराते रहे हैं.
मौके पर संतोष दुबे, दीपू गुप्ता, आदर्श सिंह, राजू गुप्ता, गायत्री देवी, धनकेसरी देवी, प्रेमी कुंवर, बीना देवी, शांति देवी, सुमन देवी, रीता देवी, समुंद्री देवी, संतरा देवी, पुष्पा देवी, सुनील पांडेय, कृष्णा चौहान, नंदू मेहता, श्यामनारायण मेहता, दिलीप चैहान, पप्पू पासवान, कृष्णा सोनी, मोहन सोनी, बिगन चैहान, धनंजय चौहान, जुगेवश्वर पासवान, ललन पासवान, सहित कई किसान उपस्थित थे.




