
Ranchi : झारखंड के बहुचर्चित कथित बकोरिया फर्जी नक्सली मुठभेड़ कांड की सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है. सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक केके सिंह अपनी टीम के साथ रांची पहुंच गये हैं. बुधवार को उन्होंने सीआईडी के अधिकारियों और पुलिस महकमे के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर प्रारंभिक जानकारी ली. झारखंड हाई कोर्ट ने इस कांड की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश पिछले माह दिया था. इसके बाद ही यह कार्रवाई शुरू की गयी है.
क्या है मामला
पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया गांव में आठ जून 2015 की रात एक नक्सली और 11 निर्दोष लोगों को कथित पुलिस मुठभेड़ में मार दिया गया था. इस कांड की जांच सीआईडी पहले ही कर चुकी है, जिसमें इसने झारखंड पुलिस की कार्रवाई को क्लीन चिट दे दी. इसके बाद 22 अक्टूबर 2018 को झारखंड हाई कोर्ट ने इस फर्जी मुठभेड़ की सीबीआई जांच का आदेश दिया था, जिसके बाद सीबीआई ने 19 नवंबर को मामले में प्राथमिकी दर्ज की, जिसकी संख्या RC.4(S)/2018/SC-1/CBI/NEW DELHI है. प्राथमिकी भादवि की धारा 147, 148, 149, 353, 307, आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)A/26/27/35 और एक्सप्लोसिव सब्सटांस एक्ट की धारा 4/5 के तहत दर्ज की गयी है. इस कांड की जांच सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच नयी दिल्ली की तरफ से की जा रही है. टीम के रांची आने का मकसद सीआईडी से संबंधित सारे कागजात एकत्रित कर अनुसंधान को आगे बढ़ाना है.
पुलिस नहीं चाहती थी जांच
बकोरिया कांड की जांच में कई बार अनुसंधान को प्रभावित करने की घटना हुई. पूरे प्रकरण में पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय की भूमिका भी पारदर्शी नहीं रही. राज्य सरकार के कई आला अधिकारियों को भी जांच को बाधित करने के लिए जिम्मेदार माना जा रहा था. सीआईडी को काफी दिनों तक जांच शुरू करने के लिए इंतजार करना पड़ा. पहले भी ढाई साल तक जांच में सीआईडी की टीम ज्यादा सक्रिय नहीं रही. सीआईडी के तत्कालीन एडीजी एमवी राव के पदभार ग्रहण करने के बाद जांच में तेजी आयी थी. इस प्रकरण में बाद में श्री राव का भी तबादला हो गया.
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