
Palamu : भूमि सुधार एवं भूमि हथबंदी कानून को शत-प्रतिशत लागू करने और अन्य जनसमस्याओं के समाधान की मांगों को लेकर भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने शनिवार की दोपहर पलामू के उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया. साथ ही भाकपा कार्यकर्त्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव भी किया। इसके पूर्व पार्टी कार्यालय से एक विशाल जुलूस निकाला गया. जो रेड़मा स्थित पार्टी कार्यालय से प्रारंभ होकर उपायुक्त कार्यालय के समीप पहुंचा. यहां काफी संख्या में पहुंचे भाकपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया तथा जमकर सरकार विरोधी नारे लगाये. इसका नेतृत्व वरीय नेता सूर्यपत सिंह एवं जिला सचिव रुचिर कुमार तिवारी ने किया.
नेताओं ने कहा कि केंद्र एवं राज्य में गठित भाजपा की सरकार द्वारा लगातार मजदूर एवं किसान विरोधी कार्य किया जा रहा है. राज्य में किसानों की जमीन छिनकर कॉरपोरेट घराने को दिया जा रहा है. एक ओर किसान कर्ज के बोझ से आत्महत्या करने को विवश एवं लाचार हैं तो दूसरी ओर कॉरपोरेट घरानों के लाखों करोड़ रुपये माफ कर दिया गया. मोदी की सरकार पूंजीपतियों के माध्यम से देश के खजाने को लूटवा रही है.
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झूठे मुकदमे में फंसाकर गरीबों की जमीन हड़पी जा रही है
भाकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पलामू में भूमि सुधार एवं भूमि हथबंदी कानून को ताक पर रखकर पूर्व जमींदार घराने एवं इनके दलालों को आदिवासियों, दलितों और पिछड़ी जाति के जोतकर भूमि को फर्जी तरीके से केवाला करने की छूट दे दी गयी है. इसका विरोध करने पर पूर्व जमींदार घराने द्वारा झूठे मुकदमे में फंसाकर गरीबों की जमीन हड़प ली जा रही है. किन्तु सरकार के नुमाइंदे कान में तेल डालकर आराम कर रहे हैं. सरकार की कुम्भकर्णी निंद्रा को तोड़ने हेतु एवं इन तमाम जनहित की समस्यायों के समाधान की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है. भाकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर गरीबों की समस्यायों की अनदेखी की गई तो भविष्य में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जायेगा.
ये लोग थे मौजूद
कार्यक्रम में भाकपा के प्रभु कुमार शर्मा, भोला सिंह, बद्रीनाथ सिंह, विजय सिंह, मनाजरुल हक, चन्द्रशेखर तिवारी एवं फेंकन उरांव सहित सैकड़ों लोग शामिल थे. उपायुक्त के नाम एक 15 सूत्री मांग पत्र उपायुक्त की अनुपस्थिति में सदर अंचल के अंचलाधिकारी शिवशंकर पांडेय को दिया गया. इनको मांगों में पलामू को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने, जिले के पूर्व जमींदारों द्वारा फर्जी तरीके से बिक्री की गई भूमि केवाला को रद्द करने, हरिहरगंज एवं नौडीहा में कंपनी के नाम किये गये केवाला एवं दाखिल खारिज को रद्द करने, पांकी अंचल में जोतकारों के नाम डिमांड खोलाने तथा किसानों के सभी तरह के कर्ज को माफ करने की मांग शामिल है.




