
Ranchi : पलामू ऐसा जिला है, जो अपने रसूख के लिए हमेशा से जाना जाता रहा है. वहां से जीतनेवाले ददई दुबे और रामचंद्र चंद्रवंशी, दोनों ही सरकार में मंत्री रहे हैं. रामचंद्र चंद्रवंशी मौजूदा बीजेपी सरकार में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हैं. कई बड़े नाम इस जिले से जुड़े हुए हैं. पलामू जिले के विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीति इन दिनों चरम पर है. पिछले चुनाव में महज तीन हजार वोट से हारनेवाले झारखंड नवनिर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह का मानना है कि इस बार उनकी जीत निश्चित है. साथ ही, वह वर्तमान विधायक और सरकार के मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी पर यह आरोप लगा रहे हैं कि मंत्री हार के डर से अपने पावर का गलत इस्तेमाल कर उन्हें बदनाम करने और जेल भेजवाने की साजिश रच रहे हैं. मामले पर अभिमन्यु सिंह से काफी देर तक बात हुई. पेश है बातचीत के मुख्य अंश-
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सवालः पलामू जिला एक ग्रामीण जिला माना जाता है. वहां दूसरे जिलों की तरह उद्योग या रोजगार के साधन नहीं हैं, खासकर आपका विधानसभा क्षेत्र विश्रामपुर पड़ता है. विश्रामपुर में आपके हिसाब से बड़ी समस्या क्या है?
जवाबः विश्रामपुर में सबसे बड़ी समस्या सिंचाई की है. हमारे क्षेत्र में किसी तरह की औद्योगिक व्यवस्था नहीं है. कृषि पर ही जनता निर्भर है. क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था अगर अच्छे से हो जाये, तो हमारे किसान भाइयों की आधी से ज्यादा परेशानी दूर हो जायेगी.
सवालः विश्रामपुर से विधायक हैं रामचंद्र चंद्रवंशी. वह सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी हैं. माना जाता है कि जहां से विधायक मंत्री होते हैं, उस क्षेत्र में मंत्री का विभाग अच्छा परफॉर्म करता है. तो बतायें कि स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल वहां क्या है.
जवाबः हमारे विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा जो है, वह एकदम निम्न स्तर की है. आप खुद जाकर क्षेत्र भ्रमण कर देख सकते हैं कि अगर उस क्षेत्र के किसी को चोट लग गयी या कोई दुर्घटना हो गयी, तो उसे डालटनगंज सदर अस्पताल भेज दिया जाता है. वहां भी सुविधा के नाम पर बस दिखावा है. एकाध डॉक्टर गलती से मिल जाये, तो खूब है, वरना अक्सर अस्पताल खाली ही रहता है. लोगों को बुखार की दवा भी अच्छे से नहीं मिल पाती है. अगर कोई दुर्घटना हो गयी, तो काफी परेशानी हो सकती है.
सवालः आप युवा नेता के रूप में देखे जाते रहे हैं. आपकी पत्नी वहां से चुनाव लड़ चुकी हैं. काफी कम अंतर से वह चुनाव हारी थीं. तो ऐसे में बतायें कि पलामू या विश्रामपुर के युवाओं के लिए क्या किया जा सकता है.
जवाबः युवाओं के लिए कुछ करना है, तो रोजगार लाने की जरूरत है. वहां रोजगार की कमी है. शिक्षा पर ज्यादा जोर देने की जरूरत है. वहां के नौनिहाल मूल रूप से शिक्षित जब तक नहीं होंगे, उनकी समस्या दूर नहीं होगी. शिक्षा के साथ रोजगार का होना जरूरी है, क्योंकि हम शिक्षित हो भी गये और रोजगार नहीं हैं, तो क्या फायदा.
सवालः शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी स्मस्याओं से आप कैसे क्षेत्र को निजात दिला सकते हैं?
जवाबः हमारी पहल है कि निचले स्तर की शिक्षा को दुरुस्त किया जाये. प्राथमिक स्तर पर जैसे ही शिक्षा दुरुस्त होगी, आगे सब ठीक होता जायेगा. अगर हम चुनाव जीतते हैं, तो हर स्कूल में 100 फीसदी शिक्षक होंगे. शिक्षक होंगे तभी पढ़ाई अच्छे से हो पायेगी.
सवालः युवा जिनके साथ होते हैं, वे अक्सर चुनाव जीत जाते हैं. हालांकि, आपकी हार का फासला कम था, फिर भी क्या आपने अपनी हार का आकलन किया कि हार की वजह क्या थी?
जवाबः हार की वजह यह रही कि वहां की जनता यह समझ नहीं सकी कि कोई युवा चेहरा भी विश्रामपुर का विधायक हो सकता है. वहां के विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी और ददई दुबे दोनों ही बुजुर्ग विधायक हैं. जनता समझ नहीं सकी कि तीसरा कोई युवा विकल्प हो सकता है. हमने अच्छा काम किया, लेकिन लोग समझ नहीं पाये कि हम अच्छा कर रहे हैं. इस बार के चुनाव में माहौल बदला है. हर युवा, चाहे वह किसी धर्म या जाति से हो, वह मान रहा है कि अभिमन्यु सिंह या उनकी पत्नी ही उस क्षेत्र विधायक बन सकते हैं.
सवालः आपकी पार्टी और आप हर समय यह आरोप लगाते रहते हैं कि सरकार या वहां के विधायक आपको परेशान करते हैं. गलत आरोप लगाकर आपको जेल भेजवाने की कोशिश होती है. इस पर आप खुलकर क्या कहेंगे?
जवाबः विश्रामपुर के विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी को लगता है कि युवा मिलकर मुझे इस बार जीत हासिल करा देंगे. मेरे काम की सराहना क्षेत्र में हो रही है. ऐसे में विधायक चाह रहे हैं कि मैं परेशान रहूं. जैसे भी जनता का काम होता है, हम करने की पूरी कोशिश करते हैं. चाहे अपने निजी पैसे से करना हो या सरकार से आंदोलन करना पड़े. रामचंद्र चंद्रवंशी को लग रहा है कि अगर अभिमन्यु सिंह को रोका नहीं गया, तो वह फिर से विधायक नहीं बन पायेंगे. किसी भी हाल में वह मुझे रोकना चाहते हैं. रात के 12 बजे तीन थाने की पुलिस को बुलाकर एक आतंकवादी की तरह मुझे गिरफ्तार किया गया. ऐसा कोई केस बनता नहीं था, लेकिन जबरन केस बनाकर मुझे गिरफ्तार किया गया. इसका मतलब क्या बनता है? वह अपनी प्रशासनिक ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. एक ऐसे व्यक्ति को जेल भेजा गया, जिसके पास हथियार का लाइसेंस है. आरोप लगाया गया कि मैं अपने हथियार से लोगों को डराने का काम करता हूं. एक पारिवारिक शादी समारोह में मेरे साथ पुलिस से मिलकर ऐसा व्यवहार किया गया. जितने हथियार उन्हें मिले, सभी का लाइसेंस था. फिर भी पुलिस ने गिरफ्तार किया. जिनके नाम से लाइसेंस था, उनको भी जेल भेज दिया गया.




