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शॉट गन शत्रुघ्न सिन्हा ने 36 साल पहले जिस सच का सामना किया, आज जुबां पर आयी वो बात

बेंगलुरु: हमेशा चर्चा में बने रहने वाले शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा इस बार अपने ट्वीट को लेकर चर्चा में हैं. भाजपा सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि राजनीति लोगों को बांटती है, जबकि कला, संस्कृति और सिनेमा लोगों को जोड़ती है. बेंगलुरु में आयोजित एक्टर्स एसोसिएशन के उद्घाटन सत्र में भाग लेने के बाद शॉटगन ने यह ट्वीट किया है. इसमें उन्होंने कहा है कि राजनीति बांटती है, कला, संस्कृति और सिनेमा लोगों को जोड़ती है.

सोशल मीडिया पर साझा कीं कुछ तस्वीरें

कर्नाटक एक्टर्स एसोसिएशन, कांग्रेस नेता और स्टार अंबरीश के नेतृत्व में बेंगलुरु में आयोजित एक्टर्स एसोसिएशन के उद्घाटन में शामिल होकर मैं अभिभूत हूं. बहुत ही रोमांचक कार्यक्रम था. केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के साथ-साथ पुराने मित्र चिरंजीव और मोहनबाबू से भी यादगार मुलाकात हुई. सिनेमा सलामत रहे, दोस्ती सलामत रहे. इसके साथ ही शॉटगन ने मित्रों से मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की हैं, मगर उन्होंने ऐसा क्यों कहा कि राजनीति बांटती है?

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शत्रुघ्न सिन्हा को आज भी सालती है वो बात

दरअसल, आज से करीब 36 साल पहले जब शत्रुघ्न सिन्हा का भारतीय राजनीति में पदार्पण हुआ था, तब बीजेपी ने उन्हें एक उप चुनाव में उनके ही खास मित्र राजेश खन्ना के खिलाफ मैदान में उतारा था. बात 1992 के दिल्ली उप चुनाव की है. कांग्रेस की तरफ से राजेश खन्ना उम्मीदवार थे. उन्होंने बीजेपी के शत्रुघ्न सिन्हा को 25,000 वोटों से हराया था. इससे पहले 1991 में हुए आम चुनाव में नयी दिल्ली लोकसभा सीट पर बीजेपी के लाल कृष्ण आडवाणी ने राजेश खन्ना को 1589 वोटों से हराया था.

चूंकि आडवाणी गांधीनगर और दिल्ली दो सीटों से चुनाव जीते थे, इसलिए बाद में उन्होंने नई दिल्ली लोकसभा सीट छोड़ दी थी. इस पर हुए उप चुनाव में बीजेपी ने शत्रुघ्न सिन्हा को खड़ा किया था. शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी बायोग्राफी ‘एनीथिंग बट ख़ामोश’ में लिखा है कि वो राजेश खन्ना के खिलाफ चुनावी मैदान में नहीं उतरना चाहते थे, लेकिन लालकृष्ण आडवाणी को मना नहीं कर सके, क्योंकि वो शॉटगन के लिए गाइड और गुरु थे.

चुनाव के बाद लंबे समय तक शत्रुघ्न सिन्हा यह कोशिश करते रहे कि राजेश खन्ना से उनकी दोस्ती पहले जैसी हो जाये, लेकिन यह संभव नहीं हो सका. साल 2012 में सुपरस्टार रहे राजेश खन्ना का निधन हो गया था. यह बात शत्रुघ्न सिन्हा को आज तक सालती रही है.

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