
Ravi Bharti
Ranchi: न्यू झारखंड को बिजली का करंट लग सकता है. मियाद बढ़ने के साथ अंधियारा भी दूर नहीं हो पा रहा. पावर सेक्टर के अबतक 22 एमओयू जमींदोज हो चुके हैं. 37 हजार मेगावाट बिजली से झारखंड हाथ धो चुका है. अब अडाणी सहित राज्य में चार पावर प्लांट स्थापित किया जाना है. इसमें सिर्फ पतरातू प्लांट का ही शिलान्यास हो पाया है.
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4000 मेगावाट के इस प्लांट के पहले चरण में 800 मेगावाट की तीन यूनिट 2019 तक स्थापित की जानी है. जबकि 800 मेगावाट की और दो यूनिट 2023-24 तक लगानी है. ऐसे में अगले साल तक लगभग 30 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली देना बड़ी चुनौती बन गयी है. फिलहाल राज्य के एकमात्र प्लांट टीवीएनएल की यूनिट से 160 से 170 मेगावाट बिजली मिलती है. जबकि बिजली की कमी को पूरा करने के लिये सेंट्रल सेक्टर से रोजाना 350 से 400 मेगावाट बिजली ली जाती है. इसके अलावा इंलैंड पावर, आधुनिक, सीपीपी से बिजली ली जाती है. हर माह लगभग 450 करोड़ की बिजली खरीदी जाती है.
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क्या है अबतक की स्थिति
पतरातू प्लांटः एक माह पहले इस प्लांट का शिलान्यास हुआ है. एक प्लांट स्थापित होने में 36 से 42 माह का समय लगता है. इस हिसाब से प्लांट स्थापित होने में और दो साल से अधिक समय लगेगा. इसका करार दो साल पहले हुआ था.
तिलैया प्लांटः रिलायंस के पीछे हटने के बाद इसकी रिबिडिंग की प्रक्रिया चल रही है. 470 एकड़ जमीन चिन्हित की गयी है. 1200 एकड़ वन भमि का क्लीयरेंस मिला है. लगभग एक साल से स्थिति जस की तस है. यह भी 4000 मेगावाट का प्लांट है.
देवघर प्लांटः इस प्लांट के लिये गोसाइ पहाड़ी कोल ब्लॉक आबंटित है. शेयर होल्डिंग की जिम्मेवारी पावर फाइनांस कॉरपोरेशन को सौंपी गयी है. इसके लिये 2432 एकड़ जमीन चिन्हित की गयी है. इसमें 1732 एकड़ निजी, 300 एकड़ सरकारी और 400 एकड़ वन भूमि है. इसकी भी प्रक्रिया जस की जस है.
तेनुघाटः डेढ़ साल पहले कैबिनेट से टीवीएनएल के विस्तारीकरण की स्वीकृति मिली. लातेहार में राजबार कोल ब्लॉक आबंटित किया गया. इसमें 660 मेगावाट की और दो यूनिट स्थापित की जानी है. अब तक इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है.
ये प्लांट अब तक शुरू नहीं हो पाये.
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प्लांट, कुल क्षमता , राज्य का हिस्सा , कब शुरू होना था
अभिजीत(लातेहार), 1740 435, 2012, (शुरू नहीं)
एस्सार(लातेहार), 2000 500, 2013, (शुरू नहीं)
आधुनिक(सरायकेला), 540 134, 2012, (एक यूनिट चालू)
जिंदल(पतरातू), 1080 270, 2014, (शुरू नहीं)
तिलैया, 4000 1000, रिबिडिंग की प्रक्रिया
इन प्रमुख कंपनियों के एमओयू हुए जमींदोज
रूंगटा माइंस, मैथिली एनर्जी, जीएमआर एनर्जी, जीवेके, परागदिश इस्पात, एसकेएस इस्पात, इलेक्ट्रो स्टील, सूर्या विनायका, गंगा स्पंज, केवीके नीलांचल, वीजा पावर, इमामी पेपर, मां चांदी, कोर स्टील, गुप्ता एनर्जी, सीइएससी, मधुकॉन, कॉरपोरेट एलायज, आदित्य बिड़ला.
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