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इक्फाई, राय और साईनाथ यूनिवर्सिटी नहीं मानते यूजीसी के नियम, पीएचडी और अन्य कोर्स में नियमों की अनदेखी

सत्य प्रकाश प्रसाद
न्यूज विंग, 06 जुलाई 2018
Ranchi: हाल के दिनों में बड़ी संख्या में निजी विश्वविद्यालयों को झारखंड सरकार ने मान्यता प्रदान की है. लेकिन जो प्राइवेट यूनिवर्सिटी राज्य में पहले से स्थापित हैं, उनकी कार्य प्रणाली पर सरकार की ओर से अभी तक शायद ध्यान नहीं दिया गया है. इसके कारण झारखंड के छात्रों को सही डिग्री नहीं प्रदान की जा रही है.

इक्फाई यूनिवर्सिटी के पास अबतक अपना कैंपस नहीं

ये सच है कि राज्य में निजी विश्वविद्यालयों आने से छात्रों को फायदा हुआ लेकिन राज्य में पहली बार निजी विश्वविद्यालय में रूप में स्थापित इक्फाई यूनिवर्सिटी, सांईनाथ यूनिवर्सिटी और राय यूनिवर्सिटी की कार्य प्रणाली को देखें तो निराशा हाथ लगी है. इन तीनों यूनिवर्सिटी ने कई सालों तक अपना स्थाई कैंपस नहीं बनाया. हाल के दिनों में स्थाई कैंपस साईनाथ एवं राय यूनिवर्सिटी के पास है. सरकार के लाख फटकार के बाद अभी तक इक्फाई यूनिवर्सिटी ने अपना स्थाई कैंपस नहीं तैयार किया है. वहीं इन विश्वविद्यालयों ने यहां के छात्रों को आकर्षित करने के लिए कई सारे कोर्स आरंभ किये, लेकिन सुचारु रूप से नहीं चलने के कारण उन कोर्सो को इनके द्वारा बंद कर दिया गया.

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यूजीसी के अनुरूप नहीं लेते बच्चों के नामांकन

यूजीसी के नियम के अनुसार एक विभाग को चलाने के लिए 2 प्रोफसर, 4 रिडर और 4 असिस्टेंट प्रोफसर होने चाहिए. लेकिन इन निजी विश्वविद्यायों में कई ऐसे विभाग हैं, जो यूजीसी के नियमों के अनुरूप शिक्षक बहाल नहीं करते है और झारखंड के छात्रों का नामांकन ले लेते हैं. छात्रों का एडमिशन लेने के बाद किसी तरह से उन्हें डिग्री प्रदान कर दी जाती है.

साईंनाथ यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की भारी कमी
साईंनाथ यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की भारी कमी

यूजीसी, नैक और झारखंड सरकार को छात्रों की सही रिपोर्ट नहीं दी जाती

यूजीसी, नैक, झारखंड सरकार, एनआइआरफ जैसी संस्थानों को छात्रों को सही सूची इन विश्वविद्यालयों द्वारा नहीं प्रस्तुत किया जाता है. राय यूनिवर्विटी के द्वारा छात्रों की नामांकन की सूची सर्वाजनिक किया गया है, लेकिन साईनाथ यूनिवर्सिटी और इक्फाई यूनिवर्सिटी द्वारा सही रिपोर्ट अभी तक इन संस्थानों को नहीं प्रदान की गई है. न ही इनको सार्वजनिक किया गया है.

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पीएचडी कोर्स में गलत तरीके से होता है नामांकन

निजी विश्वविद्यालयों में ज्यादातर पीएचडी कोर्स में गलत तरीके से नामांकन किया जाता है. कई ऐसे विभाग हैं जहां विश्वविद्यालयों के पास स्थाई शिक्षक नहीं है, लेकिन इन संस्थानों द्वारा उन कोर्सो में पीएचडी कराया जाता है.

छात्रों की कमी से कई कोर्स हुए बंद

राय यूनिवर्सिटी और इक्फाई यूनिवर्सिटी में प्रत्रकारिता, बीकॉम इन फाइनेंस आदि वोकेशनल कोर्स में पर्याप्त संख्या में शिक्षक न होने से छात्रों ने नामांकन नहीं लिया. इसके कारण इन निजी विश्वविद्यायों को इन कोर्सों को बंद करना पड़ा.

राय यूनिवर्सिटी कर रहा यूजीसी के नियमों की अनदेखी
राय यूनिवर्सिटी कर रहा यूजीसी के नियमों की अनदेखी

भोजपुरी गायिका सारदा सिन्हा की बेटी का गलत तरिके पीएचडी कोर्स में हुआ नामांकन

राय यूनिवर्सिटी का नया कारनामा उजागर हुआ है. राय यूनिवर्सिटी ने भोजपुरी की प्रसिद्ध गायिका सरदा सिन्हा की बेटी वंदना का नामांकन पीएचडी कोर्स में यूजीसी के नियम के अनुसार नहीं किया गया है. ज्ञात हो वंदना का रजिस्ट्रशन संगीत के पीएचडी कोर्स में किया गया है. इस कोर्स में राय यूनिवर्सिटी के पास न तो स्थायी शिक्षक हैं, और न ही स्थायी गाइड. इसके बाद भी वंदना को यूनिवर्सिटी में इनरोल्ड कर लिया गया है.

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