
Palamu: विपक्ष द्वारा आहूत 5 जुलाई की झारखंड बंद को लेकर पलामू में प्रशासन का दबदबा कायम रहा और बंद को बेअसर बना दिया गया. हालांकि लंबी दूरी की यात्री बसें नहीं चली, लेकिन दो पहिया, तीन पहिया और छोटी वाहनों का परिचालन जारी रहा.
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बंद को लेकर जहां विपक्षी पार्टियों सजग थी, वही प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिखा. डीएसपी प्रेमनाथ और जिला प्रशासन की ओर से सदर एसडीओ नंदकिशोर गुप्ता ने मोर्चा संभाल रखा था.
गुरुवार सुबह 5.00 बजे से ही शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस और दंडाधिकारी की तैनाती कर दी गई. जैसे ही बंद समर्थक सड़क पर आए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और बैरिया स्थित प्रखंड परिसर में बनाये गए कैम्प जेल में भेज दिया गया.
विपक्षी नेताओं को एक जगह ज्यादा संख्या में जमा होने ही नहीं दिया गया जो जिधर निकले उधर से ही गिरफ्तार कर लिया गया. कुल मिलाकर देखा जाये तो पुलिस और जिला प्रशासन ने बंद होने ही नहीं दिया. हालांकि, बंद की घोषणा से कुछ लोगों ने स्वयं ही अपनी दुकानें और प्रतिष्ठानों को बंद रखा.
200 से ज्यादा गिरफ्तार
भूमि अधिग्रहण संसोधन बिल के विरोध में संयुक्त विपक्ष के बंद के दौरान पलामू जिले में 200 से ज्यादा बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया गया. सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बैरिया स्थित कैंप जेल ले जाया गया.
इस दौरान विपक्ष के नेताओं ने राज्य सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से प्रर्दशन कर रहे थें, फिर भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
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