
Palanu: इंकलाबी नौजवान सभा का 7वां राष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार से मेदिनीनगर शहर के टाउन हॉल में शुरू हो गया है. दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए देश भर से प्रतिनिधि आए हैं. लेस्लीगंज स्थित स्वतंत्रता सेनानी नीलांबर-पीतांबर की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि के बाद शहर में मार्च निकाला गया, जो अलग-अलग इलाकों में होते हुए सम्मेलन स्थल पर समाप्त हुआ. इस दौरान शहीद नीलांबर-पीतांबर, भीम राव अम्बेडकर, शहीद ए आजम भगत सिंह, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया.
हाथों में लाल झंडा लिए जुलूस में शामिल सैंकड़ों नौजवान नफरत का कारोबार बंद करो, सम्मानजनक रोजगार का प्रबंध करो, अग्निपथ भर्ती योजना वापस लो, देश की आजादी, संविधान, लोकतंत्र व भाईचारे पर हो रहे हमले का मुकाबला करो, रेलवे सहित देश के तमाम सरकारी कंपनियों संस्थानों को बेचने का फैसला वापस लो, इंकलाबी नौजवान सभा को मजबूत करो का नारा लगा रहे थे. सम्मेलन स्थल पर बनाए गए शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित करने व सभी शहीदों की याद में दो मिनट के मौन श्रद्धांजलि के साथ सम्मेलन की विधिवत शुरुआत हुई.
सम्मेलन का उद्घाटन भाषण में भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया गेट पर कर्तव्य पथ का उद्घाटन करते हुए कहा कि ‘राजपथ’ गुलामी का प्रतीक था. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि यह बदलाव भारत को औपनिवेशिक अतीत से दूर ले जाने का प्रयास है.इसके अगले ही दिन मोदी सरकार ने उपनिवेशवाद और गुलामी के प्रतीकों के खिलाफ खड़े होने के अपने कर्तव्य को पूरी तरह त्याग दिया. सरकार ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के सम्मान में 11 सितंबर को राष्ट्रीय झंडा आधा झुका रहने का आधिकारिक बयान जारी किया है. ब्रिटेन की महारानी दुनिया भर में सैकड़ों वर्षों के औपनिवेशिक शोषण, गुलामी और लूट की प्रतीक हैं. इनके सम्मान में राष्ट्रीय ध्वज झुकाना स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों का अपमान है.
आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार विधानसभा सदस्य अमरजीत कुशवाह ने कहा कि आजादी के समय इंकलाब जिंदाबाद का नारा देश की जुबान पर था. मोदी की नफरत की राजनीति का मुकाबला भगत सिंह के देश प्रेम और भाईचारे के रास्ते किया जाएगा. शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए इंक़लाबी नौजवान सभा संघर्ष को और तेज करेगी.
बिहार विधान सभा सदस्य अजीत कुशवाहा ने कहा कि इस संकट की घड़ी में जो देश को तोड़ने और संविधान बदलने की कोशिश हो रही है, इंकलाबी नौजवान सभा पूरी मजबूती के साथ इसका मुकाबला करने को तैयार है. हमारा संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और अलग-अलग राज्यों में विस्तार हो रहा है.
जेएनयू छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष सुचेता डे ने कहा कि रोजगार बांटने की जगह मोदी सरकार नफरत बांट रही है. सोशल मीडिया का इस्तेमाल भाजपा नफरत और हिंसा फैलाने की अपनी राजनीति के लिए कर रही है.
खुले सत्र को संबोधित करते हुए आइसा के राष्ट्रीय महासचिव प्रसेनजीत कुमार ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने छात्र-युवाओं के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. रोजगार मांग रहे छात्रों को जेल भेजा जा रहा है, मगर इस तानाशाही को देश का छात्र नौजवान बर्दाश्त नहीं करने वाला है. आए दिन छात्रनौजवानों का उबाल सड़कों पर दिखता रहता है.
दोपहर तक चले खुले सत्र के बाद देर रात तक सांगठिक सत्र चलता रहा. संगठन के काम काज की रिपोर्ट पेश की गई. जिसपर अगले दिन चर्चा होगी. उसके बाद रविवार शाम तक नई कमेटी के गठन का काम किया जायेगा.




