News Wing Ranchi, 31 October: “बट… आईपीएस बने हुए हैं. वर्दी का थोड़ा भी लाज नहीं है आपलोग को. क्या फर्ज है मेरा इस वर्दी में. शर्म नाम की चीज है की नहीं. किसने बना दिया आपको आईपीएस.” गुस्से से भरा यह अल्फाज़ है झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का. एक लड़की के अपहरण के मामले में गुमला एसपी चंदन कुमार झा को फटकारते हुए उन्होंने जनसंवाद केंद्र में सीधी बात कार्यक्रम के दौरान यह सब कहा. एक लड़के के मौत के मामले में मुख्यमंत्री ने रांची के एसएसपी कुलदीप द्विवेदी को भी कड़ी फटकार लगायी. एसएसपी को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, “ये रिपोर्ट कौन बनाया है. इधर देखो. रिपोर्ट गलत है, कैसे त्रुटि हुआ. किसी की जिंदगी से खिलवाड़ हो गया है और फाइनल रिपोर्ट देकर त्रुटि मान रहे हैं.” इसके बाद जनसंवाद केंद्र में मौजूद अधिकारी को संबोधित करते हुए सीएम ने निर्देश दिया कि 2 महीने में इस मामले की सीआईडी रिपोर्ट दें. जितने लोग इनवाल्ब हैं कोई छूटना नहीं चाहिए.
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एसपी ने कहाः गिरफ्तारी के लिए वारंट की थी जरूरत, कोर्ट था बंद
जनसंवाद केंद्र में गुमला की एक लड़की के अपहरण का मामला आया था. पीड़ित परिवार ने बताया कि कुछ लोगों ने दो बार लड़की को अगवा किया. पुलिस के पास इसकी शिकायत की गयी, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया. आरोपी खुले घूमते रहे और धमकी देते रहे. पहली बार दो सितंबर को अपहर्ताओं के चंगुल से छूटकर आयी लड़की ने खुद एफआईआर दर्ज कराया. इसके बाद दूसरी बार 26 अक्टूबर को दूसरी बार अपहरण के मामले की शिकायत पीड़िता की मां ने करायी थी. इस बाबत जब मुख्यमंत्री ने एसपी से पूछा तो उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के लिए वारंट की जरूरत थी और कोर्ट बंद था इसलिए गिरफ्तारी नहीं हो सकी.
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गजब शासन चला रहे हो आपलोगः सीएम
एसपी की सफाई सुनने के बाद सीएम के सचिव सुनील वर्णवाल ने कहा कि इसमें वारंट की क्या जरूरत थी. केश रजिस्टर्ड है और पुलिस को आरोपियों का लोकेशन पता है. उन्हें तो तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए था और आप कोर्ट खुलने का इंतजार कर रहे हैं. इस बीच मुख्यमंत्री को भी गुस्सा आ गया. उन्होंने एसपी से कहा, “ ए एक्शन क्यों नहीं लिये. कोर्ट का बहाना बना रहे हो. कौन है वहां का थानेदार. आपका डीएसपी और इंस्पेक्टर क्या करता है. गजब शासन चला रहे हो आपलोग. लड़की लेके भाग गया और आप कोर्ट का वारंट निकाल रहे हो एक महीना से. क्या एक महीना से कोर्ट बंद है. आईपीएस बने हुए हैं”
इन लोग को डिसमिस करिये, वर्दी पहनने का अधिकार नहीं है
दूसरा मामला रांची जिले का था. एक दंपति अपने बेटे की मौत के मामले में इंसाफ की गुहार लगाने आया था. लड़के की मां ने कहा कि उनके बेटे का एक्सीडेंट करवा के मर्डर करवा दिया गया. उसके बाद आरोपियों ने थाना से मिलकर केस दबवा दिया. कई बार इस मामले को लेकर सीनियर ऑफिसर्स के पास गये, लेकिन कुछ नहीं हुआ. सीआईडी के पास भी गये तो उन्होंने कहा कि जबतक प्रशासनिक तौर पर निर्देश नहीं मिलेगा तबतक इस मामले का इन्वेस्टिगेशन नहीं कर सकते. इसके बाद सीएम ने कहा, बढ़िया से जांच करिये. इन लोग को डिसमिस करिये. इन लोगों को वर्दी पहनने का अधिकार नहीं है. सीएम ने रांची एसएससी कुलदीप द्विवेदी को कड़ी फटकार लगायी.




