
Political Editor
Ranchi: झारखंड की राजनीति में आज कुछ बड़ा होनेवाला है. सावन मास की शुरुआत हो गयी है. ऐसे में फिजा का रंग तो बदल ही रहा है, झारखंड की राजनीति में भी कुछ नए रंग दिखने के संकेत मिल रहे हैं. सावन के हरे रंग पर भगवा रंग चढ़ सकता है. इस बात का संकेत दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देवघर दौरे के दौरान ही मिल रहा था. जिस तरह से प्रधानमंत्री के साथ पहले सरकारी कार्यक्रम में मंच साझा करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अंदाज बिलकुल बदला बदला सा था और उसके बाद भाजपा के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का पार्टी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी का पीठ थपथपाना, कुछ नया होने की और इशारा कर रहा था. एक दिन बाद ही गिरिडीह के तिसरी ब्लाक में अपने निर्धारित कार्यक्रम को छोड़कर आलाकमान के बुलावे पर बाबूलाल मरांडी का दिल्ली जाना, सूबे में राजनीति के नए रंग को चढ़ने का संकेत दे रहा है. दिल्ली में बाबूलाल मरांडी का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ बैठक प्रस्तावित है.
इस घटनाक्रम के बीच ही भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने एक ट्विट कर राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है. कुणाल ने अपने ट्विट में लिखा है कि लगता है आज कुछ बड़ा होनेवाला है और इसके साथ उन्होंने झारखंड को हैस टैग किया है. कुणाल का ट्विट भी कुछ नया होने की गवाही दे रहा है. इस बीच आज ही चुनाव आयोग में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मामले पर सुनवाई होनी है. एक साथ कई घटनाक्रम के जुड़ने से राज्य की राजनीतिक गलियारे में चर्चा का बाजार गरम है. गौर करनेवाली बात यह है कि महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही झारखंड में भी कयासों का बाजार गरम है. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि महाराष्ट्र के बाद झारखंड की बारी है. लगातार दिख रहे राजनीतिक घटनाक्रम भी इस बात की जोरदार तरीके से तास्दीक कर रहा है.
इस बीच भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही, अनंत ओझा और नवीन जयसवाल ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष सहित संगठन के बड़े नेता बिनोद ताबडे, गजेन्द्र सिंह शेखावत और रविकुमार से मुलाकात की है. हालांकि, विधायकों का कहना है कि वे लोग राष्ट्रपति चुनाव को लेकर संगठन के बुलावे पर दिल्ली आये थे.
अमृत महोत्सव में झारखंड को मिल सकता है अमृत : अनंत ओझा
भाजपा विधायक अनंत ओझा से जब बात की गयी तो उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है. अमृत काल जब प्रारंभ हो गया है तो झारखंड को भी अमृत मिलेगा ही. अनंत ओझा ने भी इशारों में यह संकेत दे दिया है कि कुछ तो है.




