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आज से सावन की शुरुआत, श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी,उपमुख्यमंत्री करेंगे अजगैबीनाथ धाम में मेला का उद्घाटन

Patna :  सावन मास की शुरुआत गुरुवार से हो गयी है. हिंदू धर्म में सावन या श्रावण माह को भगवान भोलेनाथ की भक्ति का महीना माना गया है. भगवान शिव को समर्पित इस महीने में गंगा स्नान और भगवान शिव की आराधना की जाती है. यही वजह है कि आज सुबह से ही गंगा घाटों पर भक्तों की भीड़ उमड़ रही है. राजधानी पटना के एनआईटी घाट पर हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और गंगाजल भरकर शिवालय की तरफ रुख करते नजर आए.

अजगैबीनाथ धाम में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का उपमुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन

वहीं भागलपुर में गुरुवार को अजगैबीनाथ धाम में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2022 का उद्घाटन होगा. उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद सिंह मेले का उद्घाटन करेंगे. मेले के उद्घाटन को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है. बुधवार की शाम जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन  एसएसपी बाबुराम, डीडीसी प्रतिभा रानी, एसडीओ धन्नजय कुमार समेत जिला और प्रखंड के अधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र का निरक्षण किया था.

मेले के उद्घाटन से पहले भागलपुर डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि श्रावणी मेले का उद्घाटन जहाज घाट में शाम 4 बजे किया जाएगा. उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद सहित मंत्री गण पहुचेंगे. इस कार्यक्रम में कलाकार हंसराज भी रहेंगे. मेले के उद्घाटन से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सारी तैयारी पुरी कर ली गई है. सभी विभाग के द्वारा कावंड़ियों कि व्यवस्था के लिए तैयारी कर ली गई है. गंगा घाट में बेरिंकेटिंग कि व्यवस्था की गई है.

भागलपुर एसएसपी बाबूराम ने बताया कि सुरक्षा को लेकर श्रावणी मेला क्षेत्र में 14 सेंटर बनाये गये हैं. 6 सहायक थाना बनाए गए हैं. जगह-जगह बेरिंकेटिंग लगाये गये हैं. बाहर से आनेवाले बड़े वाहनों को प्रवेश नहीं दिये जाएगें. शहर के व्यवसाईयों के लिए रात्री में वाहन प्रवेश की अनुमति दी गई है. इस दौरान जिला और प्रखंड के तमाम अधिकारी मौजुद रहे.

बिहार का भागलपुर जिला एक ऐतिहासिक स्थल है. यह गंगा नदी के तट पर बसा हुआ है. जहां बाबा अजगैबीनाथ का विश्वप्रसिद्ध प्राचीन मंदिर है. उत्तरवाहिनी गंगा होने के कारण सावन के महीने में लाखों कावड़ियां देश के विभिन्न भागों से गंगाजल लेने के लिए यहीं आते हैं. फिर यह गंगाजल लेकर झारखंड राज्य के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ को चढ़ाने के लिए पैदल ही जाते हैं. बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में एक माना जाता है. सुल्तानगंज हिन्दू तीर्थ के अलावा बौद्ध पुरावशेषों के लिये भी विख्यात है.

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