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New Delhi, 1 September: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैंकों से कर्ज को लेकर एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर कंपनी बैंक से लोन लेती है और सही समय पर उसे नहीं चुका सकती तो कंपनी बेच दें. ऐसा जेटली ने इसलिए कहा ताकि सरकार इस अध्यादेश के जरिए बैंकिंग नियमन कानून में संशोधन कर, फंसे कर्ज के संकट का सामना कर रहे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को उबारा जा सके.
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने दिवाला और लोन शोधन अक्षमता कानून के तहत हाल में ही ऐसी 12 बड़ी कंपनियों के खिलाफ दिवाला कार्रवाई शुरु करने का निर्देश दिया है.
सरकार ने देश में बड़े आकार के मजबूत बैंक बनाने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एकीकरण में तेजी लाने का फैसला किया है. इस काम के लिये सरकार एक वैकल्पिक व्यवस्था बनायेगी. इस व्यवस्था के तहत सरकारी बैंकों के एकीकरण प्रस्ताव की समीक्षा की जाएगी.
इसका मकसद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या कम रखकर उन्हें मजबूत बनाना है.




