
Ranchi : कालाजार को झारखंड में जड़ से खत्म करने के लिए होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित 2 दिनों के वर्कशॉप का समापन हो गया. इस दौरान अलग-अलग योजनाओं पर चर्चा हुई. भारत सरकार के ज्वाइंट सेक्रेटरी राजीव मांझी चेयरमैन के रूप में मौजूद थे. वर्कशॉप के दौरान बताया गया कि झारखंड में 4 जिले दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में कालाजार के मामले हैं. लेकिन पिछले 5 सालों में इसमें 79 परसेंट की कमी देखी गयी है. 2017 में जहां कालाजार के 1353 मामले राज्य में थे, वे 2021 में घट कर 279 हो गये.
जिससे साफ है कि राज्य में यह बीमारी जल्द ही पूरी तरह से समाप्त हो जायेगी. साथ ही बताया गया कि 33 ब्लॉक में जांच और इलाज की पूरी व्यवस्था की गयी है. वहीं चार जिलों में लगातार बोन मैरो और स्किन टेस्टिंग भी की जा रही है.
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हाल के दिनों में चलाये गये 6 राउंड के अभियान में दो राउंड इंडोर सर्च के दौरान स्प्रे और चार स्पेशल राउंड मरीजों की पहचान के लिए चलाये गये. इसके अलावा रेगुलर अंतराल पर अभियान चलाये गये जिससे नये मरीजों की पहचान हो सके.
डिस्ट्रिक एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिल कर ब्लॉक लेवल पर टास्क फोर्स की मीटिंग भी हुई और लोगों को जागरूक करने का भी काम किया गया. मौके पर डॉ तनु जैन, निदेशक एनसीवीबीडीसी, डॉ नुपुर रॉय अपर निदेशक एनसीवीबीडीसीपी के अलावा कई राज्यों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे.
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