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Ranchi, 24 August : उग्रवादी संगठन झारखंड प्रस्तुति कमेटी (जेपीसी) ने खलारी थाना क्षेत्र में पोस्टर व परचा बांट कर कर कोयला ट्रांसपोर्टरों को धमकी दी है. परचा में कहा कोयला डिस्पैच रोकने के लिए कहा है. साथ ही चेतावनी दी है कि अगर कोयला डिस्पैच का काम शुरु किया जाता है, तो संगठन फौजी कार्रवाई करेगी. संगठन ने कोयला ट्रांसपोर्टरों को बुरा अंजाम भुगतने की भी बात कही है. घटना खलारी थाना क्षेत्र के राय इलाके की है. जेपीसी संगठन की पोस्टर व परचा बांटे जाने के बाद ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मचा हुअा है.
क्या कहा है पोस्टर में
जितना भी कोयला ट्रांसपोर्टर है, बिना अनुमति काम नहीं करेगा. जो भी काम करेगा, उसे फौजी द्वारा कार्रवाई किया जायेगा. परचा में दिवाकर उर्फ डीके बास लिखा गया है. जिसने खुद को जेपीसी संगठन का अादमी बताया है.
हर माह लाखों टन कोयला होता है डिस्पैच
खलारी व राय स्थित कोल साइडिंग से हर माह चार लाख टन से अधिक कोयला डिस्पैच होता है. टंडवा की अाम्रपाली, मगध अौर पिपरवार की कोलियरी से कोयला खलारी व राय स्थित रेलवे साइडिंग पर लाया जाता है. जहां के मालगाड़ी से कोयला देश के दूसरे हिस्सों में पहुंचता है.
टीपीसी करता है करोड़ों की वसूली
खलारी, पिपरवार व राय इलाके में उग्रवादी संगठन टीपीसी का वर्चस्व है. टीपीसी संगठन के द्वारा कोयला ट्रांसपोर्टरों से हर माह करोड़ों रुपये की वसूली की जाती है. इस वसूली में से पुलिस, पत्रकार व नेताअों को भी हिस्सा मिलता है. प्रति टन 360 रुपये की वसूली किए जाने की बात सरकार की कई रिपोर्ट में सामने अायी है.




