
Ranchi : हजारों करोड़ रुपये के बजट वाले शिक्षा विभाग की ओर से संचालित स्कूलों में हेडमास्टर के 97 फीसदी पद रिक्त हैं. वस्तुस्थिति यह है कि कहीं पद सृजित नहीं हैं तो कहीं प्रोन्नति नियमावली की पेंच है. कई स्कूलों में नियुक्ति और सेवाशर्त नियमावली के गठन की प्रक्रिया ही चल रही है. विधायक विरंचि नारायण के सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने विधानसभा में इस बाबत जानकारी दी है.
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हाई स्कूल के 2137 पद में केवल 44 हेडमास्टर ही कार्यरत
राज्य के 510 प्लस टू उच्च विद्यालय में हेडमास्टर के 59 पद स्वीकृत हैं. जहां सभी पद रिक्त ही हैं. उच्च विद्यालयों की संख्या 2326 है. जिसमें से 2137 में पद सृजित हैं. 44 पद रिक्त हैं. इसमें पद सृजन की प्रक्रिया चल रही है. वहीं 260 कस्तूरबा गांधी एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय और 89 मॉडल स्कूलों में हेडमास्टर की नियुक्ति के लिए नियुक्ति एवं सेवा शर्त नियमावली के गठन की प्रक्रिया चल रही है.
पारा शिक्षक संभाल रहे मिडिल स्कूल
सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य के लगभग 10 हजार उत्क्रमित मध्य विद्यालय में हेडमास्टर के पद सृजित ही नहीं है. सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रत्येक स्कूलों में संविदा पर नियुक्ति के लिए पद सृजित हैं. जहां पारा शिक्षक कार्यरत हैं. इन स्कूलों को पारा शिक्षकों के भरोसे संचालित किया जा रहा है. हजारीबाग, साहेबगंज, सिमडेगा, चतरा, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, रामगढ़, पाकुड़ और कोडरमा ऐसे जिले हैं जहां के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में प्राचार्य के सभी पद रिक्त हैं.
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