
Gopalganj: भोरे प्रखंड के रेफरल अस्पताल में अपनी मानदेय भुगतान को लेकर आशा कर्मियों ने जमकर हंगामा मचाया. प्रदर्शन की खबर पर पहुंचे गोपालगंज सिविल सर्जन डॉ योगेंद्र महतो के घंटों मशक्कत के बाद आशा कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस लिया है. विरोध प्रदर्शन कर रही आशा कर्मियों का आरोप है कि विगत वर्ष 2016 से लेकर अब तक मानदेय भुगतान नहीं किया गया है, जिससे अब घर चलाना मुश्किल हो गया है.
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मानदेय भुगतान को लेकर रेफरल अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी से कई बार मांग की गई लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता है. यहां तक कि भोरे रेफरल अस्पताल में चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा आशा कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. क्षेत्र में कोविड ड्यूटी करने के दौरान अस्पताल पहुंचने पर भोरे रेफरल अस्पताल में आशा कर्मियों को बैठने की व्यवस्था तक नहीं है, इस पूरे प्रकरण को लेकर जब भोरे चिकित्सा पदाधिकारी खबर इमाम से बात की तो उन्होंने कहा कि आशा कर्मी हमारी सहकर्मी है, मार्च तक का भुगतान किया गया है,आशा कर्मियों का भुगतान ऑनलाइन तरीके से होता है. स्टाफ की कमी के कारण मानदेय भुगतान में देरी हुई है, वही आशा कर्मियों के ठहराव को लेकर बात की गई तो, चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि इसके लिए एक कमरे का सफाई कार्य जोरों पर है,बहुत जल्द यह भी समस्या दूर हो जाएगी.अस्पताल में कमरे के कमी के कारण यह समस्या आई है जिस पर कार्य चल रहा है. वहीं इस मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर योगेंद्र महतो ने बताया की अगले माह तक आशा कर्मियों का वेतन उनके खाते में चला जाएगा.




