
- ऑक्सीजन युक्त बेड, ऑक्सीजन आपूर्ति, वेंटिलेटर समेत अन्य चिकित्सीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे
- सीमित संसाधनों के बीच कोरोना संक्रमितों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं देने का हरसंभव प्रयास कर रही है सरकार
- ऑक्सीजन युक्त बेड और वेंटिलेटर बढ़ाने के साथ ऑक्सीजन आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने पर विशेष जोर है
Ranchi : इटकी स्थित टीबी सैनिटोरियम में भी बहुत जल्द कोरोना संक्रमितों का इलाज शुरू होगा. इस सिलसिले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यहां उपलब्ध सुविधाओं का आज निरीक्षण किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर में मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. लेकिन, उस हिसाब से यहां के अस्पतालों में सुविधाएं कम पड़ रही हैं. खासकर ऑक्सीजन युक्त बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर और आईसीयू की कमी सबसे ज्यादा देखी जा रही है.

ऐसे में सरकार का पूरा प्रयास बेडों की संख्या बढ़ाने के साथ ऑक्सीजन आपूर्ति को सामान्य बनाए रखना है. इसी के मद्देनजर इटकी टीबी सैनिटोरियम में भी बेड और मानव बल बढ़ाने, ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ अन्य चिकित्सीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि कोविड-19 अस्पताल के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जा सके. मुख्यमंत्री ने यहां जेनरल वार्ड, लैब और ओपीडी का निरीक्षण किया.
रांची में मरीजों के दबाव को कम करना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विभिन्न अस्पतालों में बेड बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रही है. अबतक पूरे राज्य मे 9098 बेड बढ़ाए जा चुके हैं. इस कड़ी में यहां भी लगभग पांच सौ कोरोना संक्रमितों के इलाज की व्यवस्था को लेकर सरकार सभी जरूरी व्यवस्थाएं करेगी.
उन्होंने यह भी कहा कि रांची समेत राज्य के छह जिले कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. इसके साथ रांची में बेहतर इलाज को लेकर दूसरे जिलों से भी लगातार मरीज आ रहे हैं. इस वजह से यहां के विभिन्न अस्पतालों में मरीजों का दबाव काफी बढ़ गया है.
उन्हें ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध कराने में कठिनाई आ रही है. इस वजह से जिलों का सर्किट बनाकर वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि मरीजों को अपने ही जिले में बेहतर इलाज हो सके.
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सीमित संसाधनों के साथ बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के इस दौर में राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बीच कोरोना संक्रमितों को बेहतर से बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं देने का हरसंभव प्रयास कर रही है.
इस सिलसिले में मरीजों को बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, दवाईयां औऱ अन्य जरूरी चिकित्सीय सुविधाओं में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह रिकॉर्ड संक्रमित मिल रहे हैं, सभी के लिए बेड की व्यवस्था करना ब़ड़ी चुनौती है.
ऐसे में सामान्य संक्रमित अपने घर में आइसोलेशन में रहकर कोरोना से छुटकारा पा सकते हैं. आइसोलेशन में रहने वाले संक्रमितों की बेहतर देखभाल को लेकर भी सरकार कदम उठा रही है.
कोरोना संक्रमण को हल्के में न लें
मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि कोरोना की दूसरी लहर काफी असरदायक साबित हो रही है. इसमें थोड़ी सी लापरवाही से खतरा काफी बढ़ सकता है. ऐसे में कोरोना को हल्के में लेने की कदापि भूल नहीं करें.
इस बीमारी का अभी तक कोई कारगर इलाज संभव नहीं हो पाया है. ऐसे में संक्रमण के खतरे से बचने के लिए लोग मास्क का इस्तेमाल औऱ दो गज की दूरी का हर हाल में पालन करे.
उन्होंने कहा कि कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है. राज्यवासी इसका पालन करते हुए सरकार को सहयोग करें.
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टीबी सैनिटोरियम में उपलब्ध सुविधाओं से अवगत कराया
इटकी टीबी सैनिटोरियम के अधीक्षक डॉ रंजीत प्रसाद ने मुख्यमंत्री को यहां उपलब्ध सुविधाओं से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि यहां के सामान्य वार्ड़ में कुल 104 बेड हैं, जबकि कॉटेज की संख्या 52 है. हालांकि, कॉटेज में अभी निर्माण कार्य चल रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अस्पताल में बेडों की क्षमता बढ़ाने के साथ मरीजों के इलाज के लिए बहुत जल्द सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी.
इटकी टीबी सैनिटोरियम के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ऱाजीव अरुण एक्का, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे के अलावा रांची के उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक और उप विकास आय़ुक्त समेत जिला प्रशासन के अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.
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