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राज्य के आईटीआई के नये सत्र में एडमिशन पूरा, बिना इंस्ट्रक्टर करेंगे पढ़ाई

Ranchi : झारखंड के आईटीआई में नये शैक्षणिक सत्र में नामांकन की प्रकिया पूरी हो चुकी है. लेकिन आईटीआई के विभिन्न तरह के कोर्स को स्टूडेंट्स बगैर इंस्ट्रक्टर के ही पूरा करेंगे. तकनीकी शिक्षा की राज्य में स्थिति ऐसी है कि एडमिशन तो हो जाता है. ट्रेड भी मिल जाते हैं लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की गारंटी नहीं के बराबर है. राज्य से श्रम नियोजन विभाग की ओर से समय-समय पर रोजगार मेला लगाकर जॉब तो उपलब्ध कराये जाते हैं पर वो भी 12 से 15 हजार रुपये की.

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29 में से 23 सरकारी आईटीआई कॉलेजों में प्राचार्य ही नहीं

बताते चलें की राज्य के सरकारी आईटीआई कॉलेजों में 32 ट्रेडों की पढ़ाई होती है, जिनके लिए वर्तमान में 1193 इंस्ट्रक्टरों की आवश्यकता है. राज्य में 29 सरकारी आईटीआई कॉलेज हैं, जिनमें से 23 में तो प्राचार्य ही नहीं हैं. 21 आईटीआई में तो उपप्राचार्य के पद भी खाली हैं. ऐसे में जरा सोचिये जब इंस्ट्रक्टर, प्राचार्य और उपप्रचार्य ही नहीं हैं, तो पढ़ाई की स्थिति क्या होगी, और यहां से पास होनेवाले छात्रों का स्तर क्या होता होगा.

कई सालों से रिक्त हैं पद

राज्य के आईटीआई कॉलेजों में कई सालों से प्राचार्य, उपप्राचार्य और इंस्ट्रक्टरों के पद रिक्त हैं. श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग दवारा संचालित इन आईटीआई कॉलेजों में रिक्तियों को भरने के लिए विभाग ने राज्य कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेजी है. इन नियुक्यिों को पूरा करने के लिए अभी तक विज्ञापन तक नहीं निकाला गया है. सरकार को दिये जवाब में विभाग ने बताया है कि अभी यह नियुक्ति प्रक्रियाधीन है.

करोड़ों खर्च कर चलाया जाता है अल्पावधि कोर्स

झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी द्वारा इन आईटीआई में अल्पावधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जाते हैं. श्रम विभाग कहता है कि जिन छात्रों को अल्पावधि में प्रशिक्षित किया जाता है, उन्हें सरकार निजी क्षेत्रों में नियोजित करती है. अभी तक इस योजना के तहत विभाग ने लगभग 30 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया है और वर्तमान में लगभग 22 हजार युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. विभाग इन युवाओं के लिए साल में करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है.

आईटीआई पास युवाओं को नहीं मिलता है प्लेसमेंट

राज्य सरकार अपने सरकारी आईटीआई कॉलेजों के लिए भी प्लेसमेंट की सुविधा उपलब्ध नहीं करा पा रही है. आईटीआई पास कर लेने के बाद युवा नौकरी के लिए कॉलेज के प्लेसमेंट सेल से सभी उम्मीद भी छोड़ देते हैं. नौकरी की आस लिये युवाओं के लिए राज्य से पलायन करना ही एकमात्र विकल्प बचता है. युवाओं को रोजगार कैंप के माध्यम से 12 से 15 हजार कि नौकरी दी जाती है.

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