
Ranchi : झारखंड विधानसभा में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2020 2021 के लिए 7323.24 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित हुआ. विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया. अनुपूरक बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि इस अनुपूरक से राज्यकोषीय लक्ष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि स्थापना व्यय सहित डीवीसी का बकाया आदि मद में राशि की आवश्यकता थी जिसका प्रावधान अनुपूरक बजट में किया गया है. उन्होंने कहा कि झारखंड आकस्मिकता निधि से 286 करोड़ रुपये अग्रिम लिये गये थे, अनुपूरक बजट में इसका भी प्रावधान है.
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संस्कृत और अंग्रजी को क्षेत्रीय भाषा में शामिल कर बाहरी की नियुक्ति का दरवाजा खोला गया
बंधु तिर्की ने अनुपूरक बजट पर बोलते हुए कहा कि विपक्ष नियोजन नीति को रद्द करने का विरोध कर रहा है. इन्होंने नियोजन नीति के नियम के तहत अंग्रेजी और संस्कृत जैसी भाषाओं को स्थानीय भाषा बना दिया.
जिसके तहत राज्य के बाहर के लोगों को नियोजन नीति के तहत राज्य में नियुक्ति का दरवाजा खोल दिया है. जिससे गैर अनुसूचित क्षेत्रों में 72 फीसदी सीटों पर बाहरी लोगों को नियुक्त किया गया. उन्होंने स्थानीय भाषा में दी जानेवाली ग्रेडिंग पर भी सवाल खड़ा कर दिया.
उन्होंने कहा कि गैर अनुसूचित क्षेत्रों के युवाओं की बहुत हकमारी हुई है. जल्द ही सरकार नियोजन नीति बना कर बहाली प्रक्रिया चालू करे.
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किस विभाग को कितना बजट
- कृषि विभाग 1493.5 लाख
- पशुपालन 1502.09 लाख
- मंत्रिमंडल सचिवालय 298 लाख
- मंत्रिमंडल निर्वाचन 1579.34 लाख
- उत्पाद विभाग 80 लाख
- स्वास्थ्य विभाग 50388 लाख
- गृह विभाग 33377 लाख
- श्रम नियोजन 8398 लाख
- अल्पसंख्यक कल्याण 150.84 लाख
- विधानसभा 188.34 लाख
- पेयजल विभाग 1653 लाख
- पथ निर्माण 5063 लाख
- ग्रामीण विकास 99521 लाख
- नगर विकास विभाग 26923 लाख
- जल संसाधन विभाग 26923 लाख
- लघु सिंचाई 2000 लाख
- कल्याण विभाग 5349 लाख
- समाज कल्याण 18105 लाख
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