
Ranchi : भाजपा ने 3 मार्च को आनेवाले बजट पर कहा है कि बजट आम तौर पर राज्य की जनता की बेहतरी के लिए बनाया जाता है, लेकिन हेमंत सरकार ने जनता के लिए बननेवाले बजट को लेकर राज्य की किसी भी जनता से सुझाव तक नहीं मांगा.
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित कुमार ने इसे बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार को राज्य वासियों से उनकी जन-आकांक्षाओं के बारे में जानकारी लेनी चाहिए थी.
बजट से पूर्व समाज के विभिन्न वर्गों से भी सुझाव मांगना चाहिए था एवं राज्य के व्यवसायियों, उनके व्यासायिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, अर्थशास्त्रियों, किसानों, महिलाओं, गरीबों-शोषितों-वंचितों से भी बजट से पूर्व सुझाव लेना चाहिए था. परंतु उन्होंने बजट से पूर्व राज्य वासियों से किसी प्रकार का सुझाव नहीं लिया. जिससे राज्य वासियों में काफी नाराजगी है.
उन्होंने कहा कि इसके पूर्व में राज्य की रघुवर सरकार ने बजट पेश करने से पहले राज्य वासियों से सुझाव मांगे थे. भाजपा की अगुवाई वाली रघुवर सरकार ने झारखंड चेंबर एसोसिएशन से लेकर विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक संगठनों से राज्य के लिए बननेवाले बजट के लिए सुझाव मांगे थे.
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उनकी सरकार में बुद्धिजीवियों, अर्थशास्त्रियों, समाजसेवियों, किसानों, महिलाओं एवं गरीबों-दलितों तथा वंचितों से भी सुझाव लेकर बजट बनाया गया था. यहां तक कि रघुवर सरकार ने राज्य के विभिन्न स्थानों पर बजट विमर्श संगोष्ठी का आयोजन कर राज्य के आम एवं खास लोगों से बजट के लिए सुझाव मांगे थे.
जिसमें राज्य वासियों के सैकड़ों सुझाव दिये थे. उन सुझावों को रघुवर सरकार ने राज्य के बजट में भी शामिल किया था. रघुवर सरकार के उस बजट से झारखंड की समृद्धि को चार चार-चांद लगे थे और रघुवर सरकार के बजट को राज्यवासियों ने जम कर सराहा था. वह बजट राज्य के सर्वांगीण विकास का बजट था.
उन्होंने कहा कि जब से राज्य में हेमंत सरकार आयी है तब से राज्य की स्थिति बद से बदतर हो गयी है. इस सरकार में न तो विकास करने की इच्छा शक्ति है और न ही इसके प्रति किसी प्रकार की प्रतिबद्धता. जिसके कारण राज्यवासियों में घोर निराशा है.
हेमंत सरकार बने इतने दिनों के बाद भी झारखंड के विकास के लिए अब तक कोई ठोस रोडमैप भी तैयार नहीं किया गया है, जिसके कारण झारखंडवासियों की आशा-उम्मीद और आकांक्षा भी वर्तमान सरकार के प्रति धूमिल होती दिखायी पड़ रही है.
राज्य में बढ़ रहे भय-भूख और भ्रष्टाचार के वातावरण में वर्तमान हेमंत सरकार को राज्य वासियों के लिए आने वाले बजट के लिए सुझाव मांगने चाहिए थे.
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