
Ranchi: राज्य निर्वाचन आयुक्त की कमान डीके तिवारी 12 फरवरी से संभालेंगे. 10 फरवरी को ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबध में अधिसूचना जारी कर दी है. डीके तिवारी ने न्यूज विंग को बताया है कि वे फिलहाल दिल्ली में हैं. गुरूवार को रांची आयेंगे. जिसके बाद 12 फरवरी को निवार्चन आयुक्त का पदभार ग्रहण करेंगे.
तिवारी के पदभार ग्रहण करने के बाद राज्य में पंचायत चुनाव का रास्ता साफ हो जायेगा. 2015 में पूर्व सरकार ने पंचायत चुनाव कराया था. जिसका कार्यकाल दिसंबर में पूरा हो गया. ऐसे में साढ़े दस हजार जनप्रतिनिधियों को चुनाव का इंतजार है. तिवारी आने वाले तीन सालों तक चुनाव आयुक्त के पद पर रहेंगे. लेकिन तीन साल की कार्य अवधि के पहले वो 64 साल पूरा कर लेते हैं, तो उन्हें पद छोड़ना होगा. आयुक्त की सेवा शर्त और पदावधि राज्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2001 के अनुसार लागू होगी.
मई से खाली है पद
राज्य निर्वाचन आयुक्त का पद खाली होने के कारण राज्य में पंचायत चुनाव पिछले साल से लंबित है. नियमतः पिछले साल 26 दिसंबर तक पंचायत चुनाव संपन्न हो जाने थे. जबकि राज्य निवार्चन आयुक्त का पद पिछले साल मई से खाली है. आयोग की मानें तो जब तक आयुक्त पदभार ग्रहण नहीं करते हैं, तब तक राज्य में चुनाव संभव नहीं है. इसके पहले ग्रामीण विकास विभाग से अधिसूचना का इंतजार था. ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने पहले ही बयान दिया था कि अप्रैल या मई तक पंचायत चुनाव हो जायेगा.
जनप्रतिनिधियों की कितनी संख्या: झारखंड में इसके पूर्व साल 2015 में पंचायत चुनाव हुआ था. चुनाव राज्य के 24 जिलों के 263 प्रखंडों में कराया गया था. जिसमें वार्ड सदस्य 5423, मुखिया व उप मुखिया मिला कर 4402, पंचायत समिति सदस्य संख्या 5423 और जिला परिषद् सदस्यों की संख्या 545 रही.




