नई दिल्ली: अब आप अपने मोबाइल से बल्क एसएमएस और एमएमएस नहीं भेज पाएंगे. पूर्वोत्तर के लोगों के पलायन के मद्देनजर सरकार ने बल्क एसएमएस और एमएमएस भेजने पर रोक लगा दी है. यह रोक 15 दिन तक रहेगी. 12 राज्यों में रोक लगाई गई है. अब एक मोबाइल फोन से पांच से ज्यादा मैसेज और एमएमएस नहीं भेजे जा सकेंगे.
गृह मंत्री सुशील शिंदे ने कहा कि इस सम्बन्ध में दूर संचार कंपनियों को निर्देश दे दिया गया है. शिंदे ने कहा कि सोशल नेटवर्किग पर भी कड़ी निगरानी की रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि दहशत भरे संदेश भेजे जाने के कारण पूर्वोत्तर के लोगों में असुरक्षा की भावना घर कर गई है. उन्होंने पूर्वोत्तर के लोगों को भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके साथ है.
लोकसभा में बोलते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के जो बच्चे अपने घरों को लौट गए हैं वे वापस आ जाएं. सरकार उनकी सुरक्षा करेगी. सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है. सरकार कार्रवाई कर रही है. अगर अफवाहें फैलाने में विदेशी ताकतों का हाथ है तो इसकी जांच कराई जाएगी.
इस बीच सुरक्षा एजेंसियों ने खुलासा किया है कि असम हिंसा के बाद सीमा पार से नफरत फैलाने वाले संदेश भेजे जा रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा पार से एक ब्लॉग के जरिए भारत में नफरत भरे संदेश भेजे गए. हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने यह नहीं बताया है कि वे कौन लोग हैं जिन्होंने सीमा पार से आए नफरत भरे संदेशों को देश भर में फैलाया. उधर बेंगलूरू पुलिस का कहना है कि नफरत भरे संदेशों को रोकना बहुत मुश्किल है. बेंगलूरू के पुलिस आयुक्त विक्टर डिसूजा ने कहा कि एसएमएस,फेसबुक,ट्वीटर के जरिए फैलाई जा रही अफवाहों को रोकना बहुत मुश्किल है. बेंगलूरू आईटी सिटी है. ज्यादातर लोगों को पता है कि कम्प्यूटर का इस्तेमाल कैसे किया जाए. लोग पचास पैसे में एसएमएस भेज सकते हैं.




