नई दिल्ली: देश में तेज आर्थिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की राह में कई मुद्दों पर आम राजनीतिक सहमति नहीं होने को बाधा मानते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि विकास प्रक्रिया से जुड़े मामले राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों की तरह देखे जाएं.
ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश के 66वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जहां तक तेज आर्थिक विकास के लिए देश के अंदर अनुकूल वातावरण बनाने का प्रश्न है, मेरा मानना है कि बहुत से मुद्दों पर आम राजनीतिक सहमति नहीं होने के कारण हम ऐसा नहीं कर पा रहे हैं. अब समय आ गया है कि हम अपनी विकास प्रक्रिया से जुड़े मामलों को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों की तरह देखें.’
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दिनों विश्व अर्थव्यवस्था एक मुश्किल दौर से गुजर रही है. दुनिया के सभी देशों में आर्थिक विकास की रफ्तार कम हुई है. यूरोप के देशों को मिलाकर देखा जाए तो इस साल उनकी विकास दर शून्य रहने का अनुमान है. हमारे देश के बाहर के हालात का असर हम पर भी पड़ा है. साथ ही देश के अंदर कई ऐसी परिस्थितियां बनी हैं जो हमारे आर्थिक विकास में बाधा पहुंचा रही हैं.
प्रधानमंत्री ने शासन प्रशासन के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का संकल्प दोहराने के साथ ही यह भी ध्यान रखने को कहा कि बेबुनियाद शिकायतों और गैर जरूरी अदालती कार्रवाइयों से अधिकारियों के मनोबल को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.
प्रधानमंत्री के रूप में नौंवी बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, ‘लोकसभा ने लोकपाल विधेयक पारित कर दिया है. हमें उम्मीद है कि राज्यसभा में इस विधेयक को पारित करने में सभी राजनीतिक दल हमारी मदद करेंगे. लोकसेवकों के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढाने और उसमें भ्रष्टाचार कम करने की कोशिश हम जारी रखेंगे.’
असम में जातीय हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने वायदा किया कि सरकार इन घटनाओं की वजहों को समझने की पूरी कोशिश करेगी और राज्य सरकारों के साथ मिलकर मेहनत से काम करेगी ताकि देश में कहीं भी इस तरह के हादसे दोबारा न होने पायें.
आंतरिक सुरक्षा की चर्चा करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, ‘सांप्रदायिक सदभाव को हमें हर कीमत पर बनाये रखना है. इस महीने के शुरू में पुणे में जो घटनाएं हुईं, वे इस बात की तरह इशारा करती हैं कि आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में हमें अभी भी काफी काम करना है.’
महंगाई पर काबू पाने का संकल्प करते हुए उन्होंने खराब मानसून की वजह से कुछ मुश्किल पेश आने का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जिन जिलों में बरसात में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा की कमी हुई है, सरकार किसानों को डीजल सब्सिडी दे रही है. बीज सब्सिडी में बढ़ोतरी की गयी है. चारे के लिए केन्द्र की योजना में उपलब्ध राशि बढ़ा दी गयी है.
किसानों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अच्छी बात यह है कि हमारे किसान भाई बहनों की मेहनत की वजह से देश में अनाज का बहुत बडा भंडार है और अनाज की उपलब्धता की समस्या हमारे सामने पैदा नहीं होगी.’




