
Ranchi : झारखंड के पहले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (ट्रिपल आइटी) को अपना स्थायी भवन कांके के सांगा गांव में मिलेगा. दिसंबर 2022 तक भवन बन कर तैयार हो जायेगा. इसे लेकर तैयारी शुरू हो गयी है. 66 एकड़ में फैले इस भवन के निर्माण में 128 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. भवन का निर्माण दो फेज में होगा. पहले फेज में 51.64 एकड़ जमीन पर मुख्य भवन बनाया जायेगा. इसके बाद दूसरे चरण में 15 एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य होगा. अभी चार किलोमीटर के दायरे में बाउंड्री का काम किया गया है. यह चहारदीवारी नौ फीट ऊंची है.
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पहले सत्र के 82 फीसदी बच्चों को मिली नौकरी
ट्रिपल आइटी के डायरेक्टर प्रोफेसर विष्णु प्रिय ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि साल 2016 में शुरू हुए इस संस्थान के पहले बैच के 82 फीसदी बच्चों का प्लेसमेंट हो चुका है. जहां अधसिकतम सैलेरी फैकेज 12.5 लाख सालाना और न्यूनतम पैकेज 6.90 लाख रहा है. वहीं दूसरे बैच के लगभग 33 फीसदी बच्चों का प्री प्लेसमेंट हो चुका है. उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों पर बताया कि ट्रिपल आइटी झारखंड राज्य में अपनी तरह का एकमात्र ऐसा संस्थान है जो स्टूडेंट्स को उद्योगोन्मुख कौशल प्रदान करने की दिशा में काम करता है. मौके पर कई फैकल्टी ने संस्थान की उपलब्धियों से अवगत कराया.
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बीटेक से पीएचडी तक 460 बच्चे कर रहे पढ़ाई
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान 19 ट्रिपल आइटी में शामिल रांची के इस संस्थान में दो ब्रांच में बीटेक और इन्हीं ब्रांचों में एमटेक और पीएचडी की पढ़ाई करायी जाती है. यहां कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन की पढ़ाई होती है. जहां फिलवक्त 460 स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं. गौरतलब है कि साल 2016 में शुरू हुआ यह संस्थान पहले एनआइटी कैंपस जमशेदपुर में संचालित होता था. इसके बाद 31 अगस्त 2019 को रांची के टेक्निकल यूनिवर्सिटी परिसर में संचालित हो रहा है. इस संस्थान के संचालन में 50 फीसदी हिस्सेदारी भारत सरकार, 35 फीसदी हिस्सेदारी राज्य सरकार, 5 फीसदी हिस्सेदारी सीसीएल, 5 फीसदी हिस्सेदारी टीसीएस और 5 फीसदी हिस्सेदारी टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की है.




