
- किसानों से मिली शिकायत पर एसडीओ ने की छापामारी
- बिना आईडी और मैसेज के कई बिचौलिये मिले धान बेचते
Palamu : मेदिनीनगर के बैरिया स्थित बाजार समिति के धान क्रय केंद्र पर धान खरीद में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है. यहां किसानों से धान नहीं खरीदकर बिचौलियों से धान खरीदे जाने की पुष्टि हुई है.
मामले में शिकायत मिलने पर सदर एसडीओ अजय सिंह बड़ाईक ने सदर सीओ रामनरेश सोनी और एफसीआई के निदेशक अभिषेक कुमार के साथ बुधवार को धान क्रय केंद्र पर छापामारी की.
इस दौरान कई तरह की अनियमितताएं पकड़ में आयीं. जिस समय टीम छापामारी के लिए पहुंची, उस समय वहां अधिकतर बिचौलिये धान बेचने पहुंचे थे.
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बिना आईडी के औने-पौने दाम पर हो रही थी धान की खरीद : एसडीओ
सदर एसडीओ ने बताया कि किसानों की शिकायत पर यह छापामारी की गयी. जब मौके पर पहुंचे, तो कई अनियमितताएं देखने को मिलीं. पाया गया कि बिना आईडी और मैसेज के औने-पौने दाम पर धान की खरीद हो रही थी.
कई किसानों से बोरा सिलाई-ढुलाई एवं तौलने के नाम पर अवैध उगाही की जा रही थी. मौके से तीन से चार लॉट में रखे धान को जब्त किया गया है.
उनके वजन का मिलान कर मालिक का पता लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि धान बिक्री में किसी तरह की बिचौलियागिरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

गोदाम मैनेजर पर बिचौलियों से धान खरीदने का आरोप
जानकारी के अनुसार, कई किसानों ने आरोप लगाया था कि बाजार समिति के धान क्रय केंद्र पर जब वे धान बेचने जा रहे हैं, तो उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है. डेट मिलने के बाद भी धान की खरीद नहीं की जा रही है.
किसानों ने कहा कि उनका धान नहीं लेकर बिचौलियों के माध्यम से गोदाम मैनेजर रंजन कुमार धान की खरीद कर रहे थे. परेशान होकर किसानों ने इसकी शिकायत की.
जांच में यह भी सामने आया है कि जिन किसानों को धान बेचने के लिए समय एवं तिथि दी गयी थी, उनसे धान नहीं लिया जा रहा था. जबकि, मौके पर 10 जगह धान रखा हुआ था और तौलने एवं पैक करने का काम चल रहा था. इससे स्पष्ट होता है कि धान खरीद में धांधली की जा रही है.
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फर्जीवाड़ा कभी नहीं हो पायेगा, पेमेंट का सिस्टम पूरी तरह पारदर्शी : एफसीआई निदेशक
इधर, एफसीआई के निदेशक अभिषेक कुमार ने कहा कि जहां तक फर्जीवाड़ा की बात है, तो वह कभी नहीं हो पायेगा. पेमेंट का सिस्टम पूरी तरह पारदर्शी है. मैसेज जिन किसानों को गया है, पेमेंट भी उन किसानों को ही धान बेचने के बाद होगा. उन्होंने कहा कि अवैध वसूली के संबंध में किसान डायरेक्ट उनसे शिकायत कर सकते हैं.
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