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पढ़ें निर्भया के पिता की मार्मिक चिट्ठी, 16 दिसबंर 2012 की रात ने मुझे बद्रीनाथ सिंह से निर्भया का पिता बना दिया…पर आज भी अनगिनत निर्भया की चीखें आती है…

  • सेव द चिल्ड्रेन और युवा की संयुक्त मुहिम के साथ जुड़े निर्भया के पिता
  • लोग महिला हिंसा के खिलाफ सोशल मीडिया के जरिये जुड़े

Ranchi : निर्भया के साथ घटी घटना ने पूरे देश में आक्रोश भर दिया था. लोग स़ड़कों पर थे. कई सालों के मुकदमें के बाद दोषियों को फांसी की सजा हुई. कानूनों में बदलाव किए गए. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निर्भया फंड भी बना.

बावजूद इसके दुष्कर्म और महिलाओं के खिलाफ अपराध कम नहीं हुए. अब सेव द चिल्ड्रेन और युवा जैसे संस्था आगे आये हैं. महिलाओं के खिलाफ ऐसी घटनाओं के खिलाफ जनमानस बनाने के लिए. उनके अभियान को निर्भया के पिता ने समर्थन दिया है.

यहां हमलोग निर्भया के पिता की एक चिट्ठी को हूबहू प्रकाशित कर रहे हैं. Change.org पर हिंदी में लिखी उनकी चिट्ठी इस प्रकार है… 16 दिसंबर 2012 की रात ने मुझे बद्रीनाथ सिंह से निर्भया का पिता बना दिया, वो भी जीवन भर के लिए.

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8 साल हो गए उस घटना को जिसने इस देश की आत्मा को झकझोर दिया था. महिलाओं के लिए सड़कों पर युवाओं का हुजूम था. ऐसा लगा मानो देश बदलाव के रास्ते पर निकल पड़ा है. लेकिन आज भी जब मैं खबरें देखता हूं तो अनगिनत निर्भया की चीखें आती हैं.

निर्भया के पिता लिखते हैं कि देश का हर एक नागरिक महिलाओं के प्रति हिंसा को रोकना अपना कर्त्तव्य समझें. यदि किसी महिला के साथ ऑनलाइन या ऑफलाइन हिंसा होती है तो पुरूषों को चुप नहीं रहना चाहिए.

वो आगे लिखते हैं इस दिशा में सिनेमा बड़ी भूमिका निभा सकता है. सिनेमा दिखा सकता है कि जब एक महिला हिंसा के खिलाफ बोलती है तो पुरुष चुपचाप नहीं खड़े होते बल्कि वो भी उनका साथ देते हैं.

दरअसल 16 दिसंबर 2012 की रात घटी उस जघन्य घटना ने पूरे देश की आत्मा को लहूलुहान कर दिया था. निर्भया की मां, उसके पिता सहित पूरे परिवार ने सालों तक न्याय के लिए संघर्ष किया.

उसके बाद ऐसा माहौल बना जिससे लगा कि अब कोई और लड़की निर्भया नहीं बनेगी. लेकिन आज भी देश के तकरीबन हर हिस्से से ऐसी ही घटनाएं सामने आ रही है.

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अंतरराष्ट्रीय संगठन सेव द चिल्ड्रेन और युवा संस्था ने एक मुहिम शुरू की है. यह मुहिम है महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा और अपराधों के खिलाफ चुप्पी को तोड़ना. निर्भया के पिता बद्रीनाथ सिंह ने इस मुहिम को अपना समर्थन दिया है.

उन्होंने अपील किया है कि ऐसा कोई भी अपराध हो तो उसके खिलाफ जरूर आवाज उठायें. दोनों संस्थाओं ने इसके लिए अपने सार्वजनिक संवाद को Change.org पेटीशन की शक्ल दी है. यह एक बड़े अभियान का हिस्सा है.

इस पेटीशन के जरिये मांग की जा रही है कि बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे नेटफिलक्, अमेजन, हॉटस्टार इत्यादि ऐसे कंटेट बनाये जिसमें पुरूष भी महिला सुरक्षा की मशाल जहाते हों. जो महिला हिंसा पर मूकदर्शक बनने की प्रवृति को हतोत्साहित करता हो. इस मुहिम के तहत लोगों को अपने फेसबुक के जरिये #AllyUpForHer हैशटैग के साथ @weareyuvaa एवं @savethechildren_india ka को टैग करने की अपील की गयी है.

इस पूरे मुहीम के जरिये अपील की जा रही है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर पुरूषों की धारणा को बदला जाये. उनमें भी बराबरी की भावना को लाना और महिलाओं पर होने वाले अपराध के खिलाफ पुरूषों को खड़ा किया जाये.

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