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मुकेश अंबानी को Z+ सुरक्षा के सवाल पर दायर जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट ने नकारी

मुंबई में एंटीलिया जो उनका घर है, वह दुनिया के सबसे महंगे घरों में एक है. वर्तमान में उन्हें और परिवार को Z+ सुरक्षा मिली है. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर की गयी था.  

NewDelhi :   खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी और उनके परिवार को दी जा रही जेड प्लस सुरक्षा को चुनौती देने वाली हिमांशु अग्रवाल की जनहित याचिका खारिज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति पर संभावित खतरे का आकलन करना और उस पर फैसला लेना सरकार का काम है. जान लें कि मुकेश अंबानी को मनमोहन सिंह सरकार के समय में जेड प्लस सुरक्षा मिली थी.

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जेड प्लस सुरक्षा देना राज्य सरकार का दायित्व है

याचिकाकर्ता ने बांबे हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि अपने ऊपर खतरे की आशंका देखते हुए सुरक्षा के लिए पूरी कीमत चुकाने को तैयार व्यक्ति को जेड प्लस सुरक्षा देना राज्य सरकार का दायित्व है. हाई कोर्ट ने कहा कि अंबानी परिवार सुरक्षा पर आने वाला पूरा खर्च वहन करने को तैयार है. ऐसे मामले में मुंबई पुलिस के पास संबंधित व्यक्ति को उच्च स्तरीय जेड प्लस सुरक्षा देने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है.

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मुकेश अंबानी  एशिया के सबसे अमीर शख्स हैं

जान लें कि मुकेश अंबानी ना सिर्फ भारत के बल्कि एशिया के सबसे अमीर शख्स हैं. वैल्यू के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के वे चेयर पर्सन हैं. मुंबई में एंटीलिया जो उनका घर है, वह दुनिया के सबसे महंगे घरों में एक है. वर्तमान में उन्हें और परिवार को Z+ सुरक्षा मिली है. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर की गयी था.

जानकारी के अनुसार हिमांशु अग्रवाल ने दिसंबर 2019 में  मुंबई हाईकोर्ट के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दायर की थी. जस्टिस अशोक भूषण ने इस अपील को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह मामला पूरी तरह राज्य का है.

मुंबई हाईकोर्ट का फैसला

मुंबई हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था जिन लोगों के ऊपर खतरा है वे अपनी खर्च पर Z+ सुरक्षा की मांग कर सकते हैं और राज्य सरकार इसे देने के लिए बाध्य है. उस समय कोर्ट को बताया गया था कि अंबानी परिवार इस सुरक्षा के लिए पूरी खर्च उठाने को तैयार है. उसके बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर के पास सुरक्षा नहीं देने को लेकर कोई विकल्प नहीं बचता है.

मनमोहन सरकार ने दी थी अंबानी को सुरक्षा

2013 में मुकेश अंबानी को जेड प्लस सिक्यॉरिटी देने का मुद्दा उछला था. तब सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार से देश के सबसे अमीर आदमी को जेड प्लस सिक्यॉरिटी देने पर जवाब मांगा था. कोर्ट ने सरकार से पूछा  कि आखिर अंबानी को जेड प्लस सिक्यॉरिटी क्यों दी गयी?

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