
Asansol : पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमावर्ती क्षेत्र डिबुडीह चेक नाका पर रविवार को कोलकाता सहित राज्य के तमाम जिलों से बिहार, झारखंड और यूपी अपने घर वापस जाने वाले सैकड़ों मजदूरों की कतार लग गई. वहीं झारखंड की बात करें तो झारखंड और बंगाल सीमा पर स्थित धनबाद जिले के मैथन चेकपोस्ट का भी नजारा कुछ वैसा ही था. जैसा पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले के डिबुडीह चेकनाका का. वहां भी सैकड़ों ऐसे मजदूर थे जो पश्चिम बंगाल के कई जिलों के रहने वाले थे. जो बिहार, झारखंड और यूपी सहित दिल्ली या हरयाणा में स्थित विभिन्न फैक्ट्रियों में मजदूरी करते थे. जो लॉकडाउन होने के बाद वहां फंस गए थे.
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मजदूरों ने अपने घरों और परिवारों से दूर रहकर मरने के बजाये अपने घरों और अपने परिजनों के साथ जीने मरने का संकल्प अपने मन मे लिया. जिसको लेकर वो पैदल ही अपने घर अपने परिवार के बीच जाने के लिए निकल पड़े. ऐसे में कोई 4 दिन तो कोई 5 दिन तो कोई 6 दिन तो कोई 7 दिन और 10 दिन में अपने-अपने मंजिल के नजदीक तो पहुंच गए. पर अब झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर उन्हें रोक दिया गया है और उन्हें आगे नही बढ़ने दिया जा रहा है.
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