
Ranchi: कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में जारी लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्या में छात्र, मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हैं. जहां इन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. खाने-पीने से लेकर रहने तक की समस्या हो रही है.
दूसरे राज्यों में फंसे छात्रों और मजदूरों की घर वापसी को लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. और सवाल उठाया है कि झारखंडवासियों के साथ ये अन्याय क्यों.
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केंद्र सरकार दे झारखंडवासियों को जवाब- सीएम
कोटा में बड़ संख्या में फंसे छात्रों की वापसी को लेकर हो रही अपील के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने ट्वीट कर मोदी सरकार पर निशाना साधा.
जब UP के बच्चों को लाने के लिए बसें भेजी जा सकती है तो झारखंड के बाहर फ़ँसे बच्चों और मज़दूरों के लिए भी ऐसी व्यवस्था करे केंद्र सरकार।
झारखंडियों के साथ ये अन्याय क्यूँ ? केंद्र सरकार झारखण्डवासियों को ज़बाब दे
— Hemant Soren (घर में रहें – सुरक्षित रहें) (@HemantSorenJMM) April 19, 2020
सीएम ने ट्वीट किया, “जब UP के बच्चों को लाने के लिए बसें भेजी जा सकती है तो झारखंड के बाहर फ़ँसे बच्चों और मज़दूरों के लिए भी ऐसी व्यवस्था करे केंद्र सरकार. झारखंडियों के साथ ये अन्याय क्यूँ ? केंद्र सरकार झारखण्डवासियों को ज़बाब दे.”
कोटा में फंसे यूपी के छात्रों को निकाला गया
बता दें कि राजस्थान के कोटा में मेडिकल और इंजीनियरिंग परीक्षा की तैयारियों का कोचिंग हब है. पूरे देश से बड़ी संख्या में छात्र वहां परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाते हैं. वहीं कोटा में फंसे छात्रों की मदद के लिए यूपी की योगी सरकार ने पहल की है.
बसें भेजकर वहां से छात्रों को वापस लाया जा रहा है. बता दें कि बिहार-झारखंड से भ बड़ी संख्या में छात्र वहां जाते हैं. और इस लॉकडाउन में अपने हॉस्टल और पीजी में ही फंसे हुये हैं, जहां उन्हें कई तरह की समस्याएं हो रही है.
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