
Rahul Guru
Ranchi: प्राइवेट स्कूल की न बस चल रही है और न स्कूल में स्टूडेंट्स आ रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन की मियाद तय की हुई है. सरकारी और प्राइवेट स्कूल के बच्चे घर पर ही बैठ तालीम ले रहे हैं.
ऐसी सूचना है कि प्राइवेट स्कूलों में ऑनलाइन सिलेबस पूरा कराने की जद्दोजहद है. अमूमन हर घर में देखा जा रहा है कि प्राइवेट स्कूल के बच्चे मोबाइल पर ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे है. जबकि सरकारी स्कूल के बच्चे पढ़ाई से महरूम हो रहे हैं.
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शिक्षा मंत्री की अपील
इस बीच राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने राज्य के प्राइवेट स्कूलों से अपील की है कि वे लॉकडाउन के दौरान अभिभावकों से फीस न लें. शिक्षा मंत्री की अपील के एक सप्ताह से अधिक का समय गुजर जाने के बाद धनबाद उपायुक्त ने एक बार फिर प्राइवेट स्कूलों से फीस माफ करने का अनुरोध किया है.
धनबाद उपायुक्त अमित कुमार ने धनबाद जिला के सभी प्राइवेट स्कूल के प्राचार्यों को लिखे पत्र में कहा कि कोविड-19 के प्रसार के कारण सभी लोगों को किसी ना किसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जिले में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राएं गरीब परिवार से आते हैं और उनके अभिभावक छोटी-मोटी नौकरी कर अपने बच्चों को पढ़ाते हैं.
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क्या है डीसी का अनुरोध
उन्होंने सभी प्राचार्य-प्राचार्या से अनुरोध किया है कि इस कठिन परिस्थिति में विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से लॉकडाउन या विद्यालय बंद की अवधि की मासिक फीस पूरी तरह से माफ करें तथा विद्यालय बंद रहने की पूरी अवधि की बस फीस भी माफ करें.
साथ ही, उन्होंने छात्रों के हित में पढ़ाई सामग्री को वीडियो, पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के रूप में अभिभावकों एवं छात्रों को व्हाट्सएप, ईमेल या स्कूल की वेबसाइट के माध्यम से भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है.
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