
Amit Jha
Ranchi : खेल विभाग ने पिछले महीने 12 फ़रवरी तक खिलाड़ियों को कैश अवार्ड और स्कॉलरशिप देने के लिए उनसे आवेदन मंगाए थे. 28 मार्च को अंतिम रूप से चयनित खिलाड़ियों के संबंध में सूची जारी की गयी. इस सूची पर उंगली उठने लगी है.
अलग-अलग खेलों में कैश अवार्ड और स्कॉलरशिप के मामले में विभागीय दिशा निर्देशों की अवहेलना का मामला दिख रहा है. जिन खेलों में उपलब्धि को विभागीय प्रावधानों के अनुसार कैश अवार्ड नहीं दिया जाना था, उनमें 3-3 लाख रुपये दिये गये गये हैं.
किसी खेल में एक खिलाड़ी ने तीसरा स्थान हासिल कर कैश अवार्ड और स्कॉलरशिप ले लिया तो दूसरा स्थान पाने वाले को ठेंगा दिखा दिया गया है.
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साउथ एशियन चैंपियनशिप में उपलब्धि के लिए दिया गया कैश अवार्ड
न्यूज़विंग के पास उपलब्ध सूची के अनुसार तीरंदाजी में 3 ऐसे खिलाड़ियों को 3-3 लाख रुपये कैश अवार्ड दिये गये हैं जिनका खेल इवेंट्स विभागीय गाइडलाइन पर खरा नहीं उतरता. खिलाड़ियों के मनोबल पर इसका असर ना पड़े, इसके लिए उनका नाम नहीं दिया जा रहा है.
ताईक्वांडो में कैश अवॉर्ड में भी घाल-मेल दिख रहा है. SGFI प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतनेवाले एक खिलाड़ी को कैश अवॉर्ड दे दिया गया लेकिन उसी प्रतियोगिता में रजत पदक जीतनेवाले खिलाड़ी को कैश अवॉर्ड नहीं दिया गया. जबकि दोनों ही खिलाड़ी को उनकी उपलब्धियों के लिए छात्रवृति दी गयी है.
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कोमालिका को मात्र 25 हजार और कोच को 50 हजार रुपये की अनुशंसा पर सवाल
यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतनेवाली तीरंदाज़ कोमालिका बारी को 10 लाख रुपये की जगह मात्र 25 हज़ार रुपये देने की तैयारी की गयी है. सरकार के संकल्प के हिसाब से यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता को 10 लाख रुपये मिलना चाहिये.
इसका अनुपालन नहीं किया गया है. कोमोलिका की उपलब्धियों के लिए उनके कोच अनिल कुमार को 50 हज़ार हज़ार रुपये देने की अनुशंसा की गयी है. एक ही पदक के लिए खिलाड़ी व कोच को कैश अवार्ड देने में दोहरा मापदंड अपनाया गया है.
2 दिनों में ही 1300 से अधिक आवेदनों की समीक्षा करके दिया गया अंतिम रूप
खेल विभाग ने निर्धारित अवधि में प्राप्त आवेदनों पर 2 दिनों की बैठक में 1300 से अधिक आवेदनों की जांच पड़ताल कर खिलाड़ियों का चयन अवार्ड और स्कॉलरशिप के लिए कर लिया. कुल 1310 आवेदनों को फाइनली तय किया गया.
कोरम के तौर पर इक्का-दुक्का खेल संघों के लोगों को भी बुलाया गया. किस खिलाड़ी ने वास्तविक रूप से खेल उपलब्धि सम्बन्धी सही प्रमाण पत्र जारी किये हैं और वास्तविक रूप से उन खेल स्पर्द्धाओं का क्या महत्व है, इस पर गंभीरता से काम नहीं किये जाने का आरोप खेल विभाग पर लग रहा है.
खेल संघ से जुड़े लोगों की मदद खिलाड़ियों द्वारा जारी प्रमाण पत्र की सत्यता जांचने में नहीं ली गयी. 59वें राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में झारखंड एथलेटिक्स टीम का प्रतिनिधित्व करने के फ़र्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर दो एथलीटों को 36-36 हज़ार रुपये का गिफ्ट हैंपर छात्रवृति के रूप में दिया गया है.
दस्तावेज बताते हैं कि दोनों एथलीटों ने 27 से 30 अगस्त तक हुए 59वीं राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का सर्टिफिकेट जमा किया है. सच्चाई ये है कि 10 से 13 अक्टूबर 2019 तक रांची में 59वीं राष्ट्रीय ओपन नेशनल चैंपियनशिप प्रतियोगिता हुई थी.
जिसमें दोनों एथलीट टीम का हिस्सा नहीं थे. फ़िलहाल खेल और खेल संघों की तरफ से सोशल ऑडिट की मांग की जा रही है.
तीरंदाजी में 85 और तैराकी में 1 को कैश अवार्ड, 54 तीरंदाज और 2 साइक्लिस्ट को खेल वृत्तिका
कैश अवार्ड के लिए कुल 261 और खेल वृत्तिका के लिए 247 खिलाड़ियों का नाम तय किया गया है. इनमें से सबसे अधिक तीरंदाजी में 85 खिलाड़ियों को लाभ मिला है. इनमे कोच भी शामिल हैं. इसके अलावा फ़ुटबाल में 52, हॉकी में 46, वुशू में 29, एथलेटिक्स में 18, लॉन बाल में 9, कुश्ती- बैडमिंटन में 5-5, साइक्लिंग में 4, सिलंबम और ताईक्वांडो में 3-3, तैराकी और शूटिंग में 1-1 को लाभ मिलना है.
खिलाड़ियों को 5000 से 3 लाख तक अवार्ड मिला है. खेल वृत्तिका में भी सबसे अधिक तीरंदाजी में 54 खिलाड़ियों को लाभ मिलना है. वुशू में 45, कुश्ती में 29, एथलेटिक्स में 18, टेबल टेनिस में 15, तलवारबाजी में 13, फुटबाल में 11, शूटिंग में 8 खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप दिया जाना है. इन खेलों के अलावा बॉक्सिंग,लॉन बाल, वॉलीबॉल जैसे खेलों के लिए भी खिलाड़ियों का चयन हुआ है.
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