
Ranchi : झारखंड पुलिस में जहां ज्यादा काम है, वहां पुलिस अफसरों की कमी है. और जहां पर काम की कमी है, वहां पुलिस अफसरों की भरमार है. राज्य पुलिस मुख्यालय की रेल शाखा में डीआइजी से लेकर डीजी तक के अधिकारियों को पोस्टिंग दी गयी है.
रेल में डीजी, एडीजी और आइजी तीनों बड़े रैंक पर अधिकारियों की पोस्टिंग है. बताया जा रहा है कि डीजी या एडीजी में किसी एक रैंक के अधिकारी को ही यहां रखा जाता है. वहीं राज्य पुलिस मुख्यालय के कई ऐसे पद, जहां पर बहुत ज्यादा काम है, वहां पर पुलिस अफसरों की कमी है.
या फिर वह पद अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहा है.
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जहां ज्यादा काम है वह पद है खाली, या फिर प्रभार के भरोसे
राज्य पुलिस मुख्यालय में जहां ज्यादा काम है वह पद खाली हैं. या फिर अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहे हैं. इनमें झारखंड जगुआर आइजी, डीआइजी, डीआइजी एसआइबी जैसे अहम पद भी शामिल हैं. इतना ही नहीं जैप और आइआरबी के कमांडेंट का पद भी कई जिलों के एसपी को अतिरिक्त प्रभार के रूप में मिला हुआ है.
पुलिस मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हुए हैं. जिनमें एससीआरबी, डीआइजी का पद लंबे समय से खाली पड़ा हुआ है. इसके अलावा इस वर्ष पिछले महीने मुख्यालय के आइजी प्रोविजन अरुण कुमार सिंह और डीआइजी मदन मोहन लाल सेवानिवृत हो गये.
लेकिन इन दोनों पदों पर अभी किसी भी पदाधिकारी की पोस्टिंग नहीं हुई है. वहीं डीआइजी संगीता कुमारी के निधन के बाद डीआइजी कार्मिक का पद भी खाली है. इसी तरह सीआइडी के आइजी रंजीत प्रसाद की सेवानिवृति के बाद संगठित अपराध आइजी का पद दिसंबर महीने के बाद से खाली है. 31 जनवरी के बाद सीआइडी के एक अन्य आइजी का पद भी रिक्त हो गया.
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सैलरी कहीं और से ड्यूटी कहीं और
जेपीएसपीएल (झारखंड पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन) में डीजी के पद पर पदस्थापित पीआरके नायडू और एडीजी कम एमडी के पद पर अनिल पालटा पदस्थापित हैं. ये यह दोनों अधिकारी जेपीएसपीएल में पदस्थापित होने के बावजूद भी पुलिस मुख्यालय का काम देखते हैं.
पीआर के नायडू पुलिस मुख्यालय में डीजी हैं तो अनिल पालटा पुलिस मुख्यालय में एडिशनल डीजी ट्रेनिंग के अतिरिक्त प्रभार में हैं. लेकिन दोनों की सैलरी का भुगतान गरीबी हालत में चल रहे जेपीएसपीएल के द्वारा किया जाता है.
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