
NewDelhi : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज पेश किये गये मोदी सरकार के बजट पर करारा हमला बोलते हुए कहा है कि बजट भ्रम फेलाने वाला है. राहुल गांधी ने कहा कि बजट में बेरोजगारी से निपटने के लिए कोई विचार नहीं है जबकि मुख्य मुद्दा ही बेरोजगारी है.
राहुल के अनुसार बजट में ऐसा नहीं कुछ जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके. राहुल गांधी ने कहा कि बजट में बहुत सी बातें दोहराई गयी हैं, इसमें कई सी बातें भ्रम पैदा करने वाली हैं. राहुल ने कहा कि हो सकता है कि यह अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण हो लेकिन इसमें कुछ भी नहीं था.
Congress leader Rahul Gandhi: Maybe this was the longest #Budget speech in history but it had nothing, it was hollow. https://t.co/1j2Gf1mM5I pic.twitter.com/lPpap3PaTJ
— ANI (@ANI) February 1, 2020

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कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि बजट फीका है
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि बजट फीका है. विकास के लिए उत्प्रेरक की कमी, रोजगार सृजन के लिए कोई स्पष्ट रूपरेखा नहीं है. केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए माकपा ने कहा कि इसमें सिर्फ बेकार की बातें हैं और यह लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं करता.
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि इसमें लोगों की परेशानी दूर करने के लिए कुछ नहीं किया गया है, उन्होंने ट्वीट किया, बजट में सिर्फ बेकार की बातें और जुमले हैं. इसमें बढ़ती बेरोजगारी, गांवों में मजदूरी भुगतान संकट, परेशान किसानों की आत्महत्या करने जैसी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं है.
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दिल्ली को बजट से काफी उम्मीदें थीं, सौतेला व्यवहार किया गया है : केजरीवाल
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली को बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इसके साथ एक बार फिर सौतेला व्यवहार किया गया है. गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कई बड़े ऐलान किये हैं. वित्त मंत्री ने टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव का ऐलान किया है. 5 से 7.5 लाख रुपये तक की आमदनी पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा.
इसके साथ ही 7.5 से 10 लाख रुपये तक की आमदनी पर 15 फीसदी, 10 से 12.5 लाख रुपये की आमदनी पर 20 फीसदी टैक्स, 12.5 से 15 लाख रुपये की आमदनी पर 25 फीसदी और 15 लाख से ऊपर की आमदनी पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा. नयी आयकर व्यवस्था वैकल्पिक होगी, करदाताओं को पुरानी व्यवस्था या नयी व्यवस्था में से चुनने का विकल्प होगा. बजट में जब वित्त मंत्री ने 2020-21 में GDP की अनुमानित विकास दर 10 फीसदी का अनुमान जताया तो संसद में जमकर हूटिंग हुई.
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