
NewDelhi : केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकार शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए तैयार है, लेकिन यह एक व्यवस्थित तरीके से होगा. जान लें कि लगभग 50 दिनों से दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ धरने पर बैठे लोगों से बातचीत करने का सरकार ने संकेत दिया है.
इस संबंध में रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट करते हुए कहा, नरेंद्र मोदी सरकार शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों संवाद करने के लिए तैयार है और उन लोगों की सभी शंकाओं को दूर करेगी जो नागरिकता कानून के खिलाफ हैं. शाहीन बाग दिल्ली में CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का केंद्र है जहां पर बड़ी संख्या में महिलाएं विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. बता दें कि इंडिया टीवी पर एक डिबेट के क्रम में प्रसाद से पूछा गया था कि आखिर सरकार शाहीन बाग में धरने पर बैठे CAA विरोधी प्रदर्शनकारियों से बातचीत क्यों नहीं कर रही है?
Government is ready to talk to protestors of Shaheen Bagh but then it should be in a structured form and the @narendramodi govt is ready to communicate with them and clear all their doubts they have against CAA. pic.twitter.com/UjGikFN8tY
— Ravi Shankar Prasad (@rsprasad) February 1, 2020
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शाहीन बाग से व्यवस्थित तरीके से अनुरोध आना चाहिए
इसके जवाब में प्रसाद ने कहा, अगर आप विरोध कर रहे हैं तो यह अच्छी बात है. लेकिन आपके समुदाय के अन्य लोग टीवी पर कह रहे हैं कि जब तक CAA वापस नहीं होगा तब तक कोई बातचीत नहीं होगी. अगर आप चाहते हैं कि सरकार सीएए CAA पर बातचीत करे तो इसके लिए शाहीन बाग से व्यवस्थित तरीके से अनुरोध आना चाहिए कि वहां के सभी लोग इस मुद्दे पर बातचीत करना चाहते हैं.

सरकार के लिए यह संभव नहीं है कि वह शाहीन बाग जाये
साथ ही कहा कि सरकार के लिए यह संभव नहीं है कि वह शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों के पास जाये और बातचीत करे. उन्होंने पूछा, क्या होगा अगर कोई वहां जाता है और उसके साथ गलत व्यवहार किया जाता है? इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री प्रसाद का यह बयान शिरोमणि अकाली दल, लोक जनशक्ति पार्टी और जदयू जैसी भाजपा की सहयोगी पार्टियों द्वारा CAA पर सत्तारूढ़ पार्टी के रुख पर नाराजगी व्यक्त करने के एक दिन बाद आया है.
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मुसलमानों के बीच संदेह और भय पैदा करने वाले कदमों के प्रति आगाह किया
सूत्रों के अनुसार जिन सहयोगी दलों के नेताओं ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में एनडीए की बैठक में भाग लिया, उन्होंने सरकार को मुसलमानों के बीच संदेह और भय पैदा करने वाले कदमों के प्रति आगाह किया. अपनी तरफ से प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गठबंधन सहयोगियों से कहा है कि मुसलमानों को किसी भी अन्य समुदायों के समान अधिकार हैं.
सूत्रों ने बताया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव में भी थी, जिसने CAA की आलोचना की है और एक राष्ट्रव्यापी राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के लिए प्रस्तावित कदमों का विरोध किया है, जिसके खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच महत्वपूर्ण मुद्दा
हालांकि भाजपा ने जोर देकर कहा कि CAA की कोई समीक्षा नहीं होगी वहीं, उसके नेताओं ने NRC के बारे में मिले-जुले संकेत दिये हैं. पीएम मोदी ने दिल्ली में अपने 22 दिसंबर के भाषण में कहा था कि NRC की चर्चा सरकार में नहीं की गयी थी वहीं, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शुक्रवार को संसद में दिये गये अपने भाषण में NRC का उल्लेख नहीं किया, जिसका जिक्र उन्होंने संसद में अपने जून के संबोधन में किया था.
उधर दिल्ली विधानसभा चुनाव में शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है. भाजपा के स्टार प्रचारक, गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाताओं से बार-बार राष्ट्रवादियों और शाहीन बाग का समर्थन करने वालों के बीच चयन करने के लिए कहा है.
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