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दिल्ली कोर्ट झड़प मामला : 4 नवंबर को कामकाज रहेगा ठप, बार काउंसिल ने कहा – कार्रवाई नहीं हुई तो हालात होंगे बेकाबू

New Delhi :  राजधानी दिल्ली के तीस हजारी अदालत परिसर में पार्किंग को लेकर पुलिस और वकीलों में शनिवार हुई झड़प में लगभग 80 विचाराधीन कैदी फंस गए. पुलिस ने बताया कि सुनवाई के लिए अदालत लाये गये इन कैदियों को शाम तक लॉकअप में बंद रखा गया. शाम करीब छह बजे जब स्थिति पर काबू पाया गया, तब इन कैदियों को सुरक्षित बारी-बारी से तिहाड़ जेल भेज दिया गया.

हालांकि मामला के थमते ही देर शाम तक दोनों पक्षों के बीच मीटिंग चलती रही. इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच की एसआईटी को सौंप दी गई है.

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वकील की पिटाई से मामले ने पकड़ा तूल

वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पुलिस और वकील के बीच जब झड़प हुई थी, उस दौरान  फायरिंग भी हुई. इस झड़प के बारे में बताया जा रहा है कि पार्किंग को लेकर ही सारा बवाल हुआ.

जबकि इस बारे में वकीलों का कहना है कि गाड़ी में टक्कर होने के बाद ही पुलिस वकील को पकड़कर ले गयी और फिर लॉकअप में बंद करके वकील की पिटाई की. उसके बाद ही माहौल खराब हुआ और पुलिस और वकीलों के बीच झड़प शुरू हुई.

मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक, इस झड़प के दौरान हुई हिंसा में पुलिस की नौ गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया. वहीं झड़प के दौरान गोली चलने की बात को दिल्ली पुलिस ने इनकार किया है.

इस झड़प में दो वकील भी घायल हुए हैं, जिन्हें सेंट स्टीफेंस अस्पताल में भर्ती किया गया है. न्यूज एजेंसी एनएनआई के मुताबिक, वकीलों ने पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी की है और  उनके फोन भी छीने हैं.

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कार्रवाई नहीं हुई तो हालाता होंगे बेकाबू

कोऑर्डिनेशन कमिटी के चेयरमैन महावीर शर्मा और सेक्रेटरी जनरली धीर सिंह कसाना ने इस मामले को गंभीर बताया है. उन्हों बताया कि तीस हजारी कोर्ट में पुलिस की ओर से की गई फायरिंग के विरोध में दिल्ली की सभी जिला अदालतों में 4 नवंबर को कामकाज ठप रखने का फैसला किया गया है.

वहीं बार काउंसिल ऑफ  इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने इस बारे में कहा कि हमने सरकार और पुलिस के आला अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द दोषियों को सस्पेंड करें. साथ ही कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो हालात ऐसे हो सकते हैं, जो बार काउंसिल ऑफ इंडिया और सरकार दोनों ही के बस से बाहर होगी.

जबकि इस बारे में वकीलों की मांग है कि जिस पुलिसकर्मी ने गोली चलायी उसपर मामला दर्ज किया जाए. साथ ही वकीलों की मांग है कि आला अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया जाए.

दिल्ली पुलिस का बयान

इस मामले पर  दिल्ली पुलिस ने बयान जारी किया है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि वकीलों ने कई गाड़ियों में आग लगायी और तोड़फोड़ भी  की. साथ ही वकीलों पर दिल्ली पुलिस ने पिस्टल छीनने का भी आरोप लगाया है. एडिशन डीसीपी ने इस बारे में कहा कि पुलिस को कैदियों से भी जान का खतरा था और मौके पर पुलिस से पिस्टल भी छिन लिए गये.

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