
Kolkata: राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर अपमानित करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि गत 11 अक्टूबर को कोलकाता के राजपथ यानी रेड रोड पर आयोजित प्रतिमा कार्निवल में उन्हें बुलाकर सुनियोजित तरीके से अपमानित किया गया.
कोलकाता के नेशनल लाइब्रेरी में दौरा करने पहुंचे राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार के बुलावे पर ही वह पूजा कार्निवल में गए थे. लेकिन उन्हें साढ़े चार घंटे तक बैठा कर रखा गया और मीडिया से पूरी तरह से ब्लैक आउट कर दिया गया.
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सूचना और संस्कृति विभाग का कार्यक्रम था
उन्होंने कहा कि रेड रोड पर आयोजित कार्यक्रम पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना और संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित किया गया था. और मीडिया को जो लाइव टेलीकास्ट का फीड दिया गया था वह भी पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से मुहैया कराया गया था.
लेकिन पूरे लाइव के दौरान कहीं से भी उन्हें या उनकी पत्नी (सुदेश धनखड़) को सीधे प्रसारण के दौरान नहीं दिखाया गया. राज्यपाल ने कहा कि मीडिया को भी राज्य सरकार की ओर से फीड दिया गया था. इसलिए किसी भी मीडिया संस्थान को उनकी और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ का वीडियो नहीं मिला.
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साढे़ चार घंटे तक वह पूजा कार्निवल में बैठे रहे
उन्होंने कहा कि इस तरह से साढे़ चार घंटे तक वह पूजा कार्निवल में बैठे रहे लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने सुनियोजित तरीके से उन्हें ब्लैकआउट कर अपमानित किया है.
राज्यपाल ने दोहराया कि पश्चिम बंगाल सरकार चाहे जितना दुर्भावना युक्त व्यवहार कर ले लेकिन वह अपने संवैधानिक दायित्व का पालन करने से पीछे नहीं हटेंगे.
राज्यपाल के तौर पर वह राज्य के पहले नागरिक हैं और लोगों के संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करना उनका कर्तव्य है. इस पर वह सतत कायम रहेंगे.
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