Read Next
01/09/2026
झारखंड के 12 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, पलामू-गुमला समेत कई इलाकों में वज्रपात का खतरा
31/08/2026
Jharkhand Weather: रांची समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ऑरेंज चेतावनी
30/08/2026
चाईबासा जेल के कैदियों को मिलेगा बागवानी का प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट परिवर्तन के तहत कौशल विकास पर जोर
30/08/2026
परिसीमन के विरोध में आज रांची में आदिवासी महाजुटान, मोरहाबादी में बड़ी जुटान, कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन
29/08/2026
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह का न्योता, मोरहाबादी में 4 सितंबर को होगा दही हांडी कार्यक्रम
29/08/2026
सरना धर्मकोड का अलग विकल्प नहीं मिला तो जनगणना-परिसीमन का बहिष्कार, 4 अक्टूबर को रांची में महारैली
29/08/2026
Jharkhand News: रिम्स में 8 नमूनों में H1N1 की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
20/08/2026
JSSC News: सचिव सुधीर गुप्ता समेत कई अधिकारियों से CID की पूछताछ, दस्तावेजों की भी जांच
19/08/2026
Ranchi News: झारखंड में JPSC-JSSC की 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द, 17 पुरानी परीक्षाओं की CID जांच
19/08/2026
Jharkhand Weather: आज 6 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, गरज-वज्रपात को लेकर चेतावनी
Back to top button
Ranchi : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को झारखंड के साहिबगंज में गंगा पर बने भारत के दूसरे मल्टी-मॉडल टर्मिनल का आनलाइन उद्घाटन करेंगे. वह इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे जिससे झारखंड जलमार्ग से नेपाल, बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल से जुड़ जायेगा.
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री रांची में गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम में दोतरफा डिजिटल संचार प्रणाली के जरिए साहिबगंज के इस अत्याधुनिक टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे. जहाजरानी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मांडविया साहिबगंज में उपस्थित रहेंगे.
झारखंड-बिहार के उद्योगों को वैश्विक बाजार के लिए खोलेगा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही अप्रैल 2017 में आईडब्ल्यूएआई के साहिबगंज मल्टी-मॉडल टर्मिनल की आधारशिला रखी थी जिसका निर्माण लगभग दो वर्षों की रिकॉर्ड अवधि में 290 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है.
यह जल मार्ग विकास परियोजना (जेएमवीपी) के तहत गंगा नदी पर बनाये जा रहे तीन मल्टी-मॉडल टर्मिनलों में से दूसरा टर्मिनल है. इससे पहले नवंबर, 2018 में प्रधानमंत्री ने वाराणसी में पहले मल्टी-मॉडल टर्मिनल (एमएमटी) का उद्घाटन किया था.
साहिबगंज स्थित मल्टी-मॉडल टर्मिनल झारखंड और बिहार के उद्योगों को वैश्विक बाजार के लिए खोलेगा और इसके साथ ही जलमार्ग के जरिए भारत-नेपाल कार्गो कनेक्टिविटी सुलभ करायेगा.
लोगों के लिए रोजगार सृजित होने की आशा
यह राजमहल क्षेत्र स्थित स्थानीय खदानों से विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों को घरेलू कोयले की ढुलाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा. इस टर्मिनल के जरिए कोयले के अलावा स्टोन चिप्स, उर्वरकों, सीमेंट और चीनी की भी ढुलाई किए जाने की आशा है.
टर्मिनल से इस क्षेत्र में लगभग 600 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार और तकरीबन 3000 लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की आशा है. नये मल्टी-मॉडल टर्मिनल के जरिए साहिबगंज में सड़क-रेल-नदी परिवहन के संयोजन से यह हिस्सा कोलकाता व हल्दिया और बंगाल की खाड़ी से जुड़ जाएगा.
इसके अलावा साहिबगंज नदी-समुद्र मार्ग से बांग्लादेश होते हुए पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ जाएगा. इस नवनिर्मित टर्मिनल की क्षमता 30 लाख टन सालाना है. सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत दूसरे चरण में क्षमता विस्तार के लिए 376 करोड़ रुपये निवेश करने के बाद इसकी क्षमता बढ़कर 54.8 लाख टन सालाना माल ढुलाई की हो जाएगी.
प्रवक्ता ने बताया कि साहिबगंज मल्टी-मॉडल टर्मिनल राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा नदी) पर दूसरा मल्टी-मॉडल टर्मिनल है जिसके प्रथम चरण की लागत रू 290 करोड़ रुपये आयी है.
इसका शुभारंभ 10 नवम्बर, 2016 को किया गया था. उसने बताया कि देश में मल्टी-मॉडल टर्मिनलों का निर्माण जल मार्ग विकास परियोजना के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य 1500-2000 टन तक के वजन के बड़े जहाजों के नौवहन के लिए वाराणसी और हल्दिया के बीच गंगा नदी के फैलाव को विकसित करना है.