
- महागठबंधन नहीं बनने का फायदा उठाने से नहीं पीछे नहीं हटेगी बीजेपी
Ranchi : विधानसभा चुनाव का आगाज होते ही बीजेपी ने सभी 81 विधानसभाओं पर तैयारी शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री के 65 + के लक्ष्य को पाने के लिए बीजेपी अपनी मजबूत पकड़ वाली विधानसभा सीटों पर तो ध्यान दे रही है, लेकिन वैसे सीटों पर भी ध्यान दे रही है, जहां बीजेपी के जीत का दावा काफी मजबूत दिख रहा है.
सिल्ली सीट पर बीजेपी का ध्यान देना इसी कड़ी का एक हिस्सा माना जा रहा है. रांची लोकसभा में पड़ने वाले 6 विधानसभा क्षेत्रों (रांची, कांके, खिजरी, सिल्ली, हटिया और ईचागढ़) में केवल सिल्ली पर ही बीजेपी नहीं है. हालांकि इस सीट पर एऩडीए के घटक दल आजसू ज्यादा दावा करता है.
वहीं आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कोल्हान क्षेत्र में विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है. लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के वोटों में करीब 50,000 वोटों का अंतर, विधानसभा चुनाव के ठीक पहले बीजेपी सांसद संजय सेठ द्वारा सिल्ली का दौरा कर क्षेत्र के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा के बाद माना जा रहा है कि बीजेपी भी आजसू की परम्परागत सीट पर दावा ठोंकने से पीछे नहीं हटेगी.
माना यह भी जा रहा है कि महागठबंधन नहीं बनने पर जेएमएम और कांग्रेस के चुनाव लड़ने से महतो वोटों का बिखराव और सुदेश महतो के लगातार दो चुनाव हारने (एक उपचुनाव शामिल है) का फायदा उठाने से भी बीजेपी पीछे नहीं हटेगी.
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सांसद सेठ की है खास नजर
लोकसभा चुनाव के बाद सिल्ली क्षेत्र से बीजेपी को कांग्रेस की तुलना में वोटों का अंतर काफी ज्यादा रहा था. इससे बीजेपी पूरी तरह से उत्साहित है. अगर आंकड़ों को देखे, तो बीजेपी प्रत्याशी संजय सेठ को कांग्रेस प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय की तुलना में 50,591 वोट अधिक मिले थे. इससे बीजेपी काफी उत्साहित है.
सांसद बन चुके सेठ सिल्ली पर भी कुछ ज्यादा ध्यान देते दिख रहे है. विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सिल्ली के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये अपने मद से देकर बीजेपी ने यहां पर अपनी मजबूती बढ़ाने का भी संकेत दे दिया है. इसके अलावा सुदेश महतो के पिछले दो विधानसभा चुनाव हारने के बाद से बीजेपी मान चुकी है कि आजसू सुप्रीमो की पकड़ पहले की तुलना में कमजोर हो गयी है.
बता दें कि सिल्ली सीट से तीन बार विधायक रह चुके सुदेश को 2014 और 2018 के उपचुनाव में जेएमएम उम्मीदवार से करारी हार मिली थी.
कोल्हान पर दावे का असर सिल्ली पर
सिल्ली पर बीजेपी की नजर को इस नजरिये से भी देखा जा सकता है कि सुदेश महतो की नजर कोल्हान क्षेत्र पर आने लगी है. दो दिन पहले चक्रधरपुर के पोड़ाहाट स्टेडियम में महिला समूह के सम्मान समारोह में शामिल होने गये सुदेश ने कह दिया है कि उनकी पार्टी इस बार कोल्हान में हर हाल में विधानसभा चुनाव लड़ेगी.
चक्रधरपुर पर बीजेपी के वर्तमान प्रदेश अध्य़क्ष लक्ष्मण गिलुवा विधायक रह चुके है. ऐसे में चक्रधऱपुर में कार्यकर्ता सम्मलेन कर सुदेश ने बीजेपी को सकते में डाल दिया है.कार्यक्रम के दौरान सुदेश का यह कहना कि लोकसभा चुनाव में एनडीए की झारखंड में शानदार जीत हुई है, लेकिन विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव से अलग होते हैं. इसलिए राज्य के चुनाव में एनडीए को सोच-समझकर आगे बढ़ने की जरूरत है, दोनों दलों के बीच सीटों के अड़चन पर संकेत देने को काफी है.
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महतो वोटों के बिखराव का भी बीजेपी उठा सकती है फायदा
उक्त तथ्यों के अलावा बीजेपी अपने खिलाफ विपक्षी पार्टियों के महागठबंधन पर भी नजर रखी है. जिस तरह से विधानसभा चुनाव में महागठबंधऩ बनने की कवायद धूमिल होते जा रही है, उससे तय है कि जेएमएम के अलावा कांग्रेस भी यहां से अपना उम्मीदवार दे सकती है. कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बने और सिल्ली से दो टर्म विधायक रह चुके केशव महतो कमलेश यहां से चुनाव लड़ सकते है. ऐसे में महतो वोटों का बिखराव होना तय है, जिसका फायदा उठाने से बीजेपी पीछे नहीं हटेगी.
क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देने के लिए हो रहा दौरा : संजीव विजयवर्गीय
हालांकि डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय जो कि सिल्ली विधानसभा के प्रभारी है, इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते कि सिल्ली विधानसभा पर बीजेपी की कोई विशेष नजर है. उनका कहना है कि सांसद का दौरा और यहां विकास काम को लेकर उनके मद से फंड देने के पीछे का एकमात्र उद्देश्य क्षेत्र का विकास करना है. जेएमएम विधायक के दौरान यहां पर विकास का काम नहीं हो रहा है. जिससे यहां के बीजेपी कार्यकर्ता भी हतोत्साहित थे.
लोकसभा चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं को कहा गया था कि वे एकजुट होकर पार्टी को जीत दिलाये, पार्टी उन्हें एक समान का स्थान देगी. जहां तक आजसू- बीजेपी गठबंधन के सीट बंटवारे करना है, तो यह निर्णय लेना केंद्रीय नेतृत्व के हाथों में है. सांसद और प्रभारी के सिल्ली दौरा का केवल एक उद्देश्य क्षेत्र में रुके विकास काम को प्राथमिकता देना है.
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